फोटो09एचएएमपी20 खुदाई के बाद लीकेज ठीक करते करते श्रमिक। संवाद
भरुआ सुमेरपुर। सड़क चौड़ीकरण के लिए बिना तकनीकी निगरानी के कराई जा रही खोदाई लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। रविवार को पैलानी मार्ग किनारे जेसीबी से कराई जा रही खोदाई के दौरान भूमिगत आईजीएल गैस पाइपलाइन फिर क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन से गैस रिसाव शुरू होते ही अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे कर्मियों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन में कैप लगाकर रिसाव बंद किया। इसी दौरान बीएसएनएल की भूमिगत केबल भी कट गई।
कस्बे के बांदा मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए विद्युत पोलों की शिफ्टिंग के साथ पेयजल पाइपलाइन भी स्थानांतरित की जा रही है। पैलानी मार्ग किनारे नई पाइपलाइन डालने के लिए जल संस्थान जेसीबी से खोदाई करा रहा था। आरोप है कि खोदाई के दौरान संबंधित विभागों के तकनीकी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रहते। इसी लापरवाही के चलते जेसीबी भूमिगत गैस पाइपलाइन तक पहुंच गई और लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही आईजीएल कर्मचारी मानवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन में कैप लगाकर लीकेज बंद किया। खोदाई के दौरान बीएसएनएल की भूमिगत केबल भी कट गई। इससे कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रभावित हुए हैं।
बड़ा हादसा टला, फिर भी नहीं चेते
पूर्व प्रधान दिनेश सिंह, सुशील शुक्ला और श्रवण सिंह गौर ने कहा कि भूमिगत गैस पाइपलाइन समेत अन्य सेवाओं की जानकारी होने के बावजूद तकनीकी कर्मचारियों की निगरानी के बिना जेसीबी से खोदाई कराना लापरवाही है। गैस पाइपलाइन में बड़ा रिसाव होने पर आग लगने या विस्फोट जैसी गंभीर घटना हो सकती थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले एक अगस्त को भी खोदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
ठेकेदार को चेतावनी पत्र जारी
जल संस्थान के अवर अभियंता आशीष कुमार यादव ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के मामले में संबंधित ठेकेदार को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। भविष्य में खोदाई के दौरान भूमिगत पाइपलाइनों और केबलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी गई है।