हमीरपुर। केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को लागू कर दिया है। शनिवार रात को हुई इस अधिकारिक घोषणा का कुछेक पूर्व सैनिकों ने स्वागत किया है, जबकि अधिकतर ने इसे महज राजनीतिक स्टंट और गलत करार दिया है।
पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल धर्मेंद्र पटियाल का कहना है कि केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की घोषणा नहीं की है। वन रैंक में पांच पेंशन को डाला गया है। ऐसा करके केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों को महज गुमराह किया है। इतना ही नहीं बिहार चुनाव नतीजों की पिछली रात ऐसी अधिकारिक घोषणा करना महज चुनावी स्टंट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इसे हर साल करीब तीन फीसदी रिवाइज करना चाहिए, जबकि आधिकारिक घोषणा के अनुसार इसे पांच साल में महज तीन फीसदी रिवाइज करने का प्रावधान है। ऐसे ओआरओपी के लागू होने से कोई भी सैनिक समय से पहले सेवानिवृत्त नहीं होना चाहेगा। इससे सेना और बूढ़ी होगी।
स्काड्रन लीडर बृज लाल धीमान का कहना है कि जब तक वन रैंक वन पेंशन की नोटिफिकेशन नहीं होती, जंतर-मंतर में पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी रहेगा। नोटिफिकेशन देखने के बाद ही पूर्व सैनिक प्रदर्शन से हटने का निर्णय लेंगे। फिलवक्त पूर्व सैनिक केंद्र सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं। कर्नल एसकेएस चंबियाल का कहना है कि केंद्र सरकार ने जिसकी घोषणा की है, वह वन रैंक वन पेंशन नहीं है। वन रैंक वन पेंशन हर साल में तीन फीसदी रिवाइज होनी चाहिए, जबकि घोषणा के अनुसार वन रैंक वन पेंशन पांच साल में एक बार रिवाइज हो रहा है। वहीं पूर्व सैनिक देशराज का कहना है कि सरकार ने अभी तक घोषणा की है। नोटिफिकेशन होने पर ही कुछ कहा जा सकेगा। केंद्र सरकार की घोषणा का पूर्व सैनिक स्वागत करते हैं।