हमीरपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में कच्ची मतदाता सूची जारी होने के बाद नो मैपिंग के 53,779 मतदाताओं को जोड़े रखने की कवायद तेज हो गई है। सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं और उनकी सुनवाई की तिथि निर्धारित की जा रही है। निश्चित तिथि में आकर वह जरूरी दस्तावेज मुहैया कराएं, अगर कोई तय तिथि में नहीं आ पाता है तो उसके पास दो और मौके हैं।
एसआईआर में आवश्यक दस्तावेज न दे पाने वाले 53,779 मतदाताओं को नो मैपिंग कैटेगरी में रखा गया है। हमीरपुर में नो-मैपिंग के 29,023 और राठ क्षेत्र में 24,756 मतदाताओं के पास नोटिस भेजे जा रहे है और उनकी सुनवाई हो रही है। बीते दो दिनों में नोटिस के समाधान को लेकर जागरूक लोग चिंतित दिखे। समय पर आए भी और आवश्यक दस्तावेज सौंपे तो अधिकारियों ने उन्हें चेक करके ओके भी किया। अधूरे कागजात लेकर पहुंचने वालों को वापस भेजा गया और दोबारा जरूरी साक्ष्य लाने को कहा गया। ऐसी स्थिति में दस्तावेजों को लेकर लोग भटकते हुए नजर आए।
नोटिस में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जा रहा है। मतदाता अगर जागरूकता से काम लें तो नो-मैपिंग से उनका नाम हट सकता है और वह आने वाले चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। नोटिस के बाद अपना पक्ष रखने, साक्ष्य प्रस्तुत करने और उन्हें सुनने के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है। तहसील स्तर पर निर्वाचन प्रशासन काम तेज किए है लेकिन सुनवाई में आने वालों की संख्या बहुत कम है।