संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एनएच-34 पर लगातार हो रहे हादसों और सुरक्षा इंतजामों की खामियों को लेकर अमर उजाला की लगातार पड़ताल के बाद हाईवे पर सुरक्षा के उपाय बढ़े हैं। जहां बंद हाईमास्ट, जरूरी संकेतकों की कमी और रोड मार्किंग की खामियां सामने आई थीं, वहां एनएचएआई ने कई काम कराए गए हैं। यमुना व बेतवा पुल के साथ राठ मोड़ पर हाईमास्ट लाइटें चालू हो गई हैं। दुर्घटना संभावित स्थानों और टी-जंक्शन पर चेतावनी, गति सीमा, स्टॉप और गिव-वे के संकेतक लगाए गए हैं। डिलीनिएटर और रेट्रो रिफ्लेक्टिव स्टिकर लगाने के साथ सड़क की मार्किंग भी दुरुस्त की गई है।
जिले के सड़क दुर्घटना के तुलनात्मक आंकड़ों में भी कमी दर्ज हुई है। जनवरी से जुलाई 2025 के मुकाबले इस साल इसी अवधि में सड़क हादसे 251 से घटकर 179 रह गए। यानी 72 हादसे कम हुए। मृतकों की संख्या 139 से घटकर 111 हो गई। यानी 28 मौतें कम हुईं। घायलों की संख्या भी 194 से घटकर 153 रह गई। सात माह के आंकड़ों में हादसों में 28.7 प्रतिशत, मृतकों में 20.1 प्रतिशत और घायलों में 21.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
अमर उजाला ने 19 मई के अंक में संकरी डगर खत्म कर रही जिंदगी का सफर शीर्षक से विशेष ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित कर एनएच-34 की सुरक्षा खामियों को प्रमुखता से उठाया था। रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। तीन जून को एनएचएआई, सेव लाइफ फाउंडेशन, परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्घटना बहुल हिस्सों का सर्वे किया। सर्वे में सड़क की स्थिति, कट, ओवरटेकिंग, पैदल यात्रियों की आवाजाही, प्रकाश व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता का अध्ययन किया गया। इसके बाद सुरक्षा संबंधी कार्य कराए गए।
फोटो 27 एचएएमपी 07 - एनएच-34 पर लगाया गया दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र का चेतावनी संकेतक। संवाद