हमीरपुर। जिले में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। एक ओर जहां हजारों बच्चे कुपोषण और अति कुपोषण की श्रेणी में दर्ज हैं। वहीं, दूसरी ओर जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेड खाली पड़े रहते हैं। यह केंद्र खासतौर पर गंभीर कुपोषित बच्चों के इलाज, पोषणयुक्त आहार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी के लिए बनाया गया है, जहां 14 दिन तक विशेष देखभाल दी जाती है।
हालत यह है कि 10 बेड वाले इस केंद्र में दो बच्चे भर्ती मिले। स्टाफ नर्स निधि के अनुसार, शहर के भिलावां निवासी अयांश (3) और जनपद फतेहपुर के चटनपुर-मदुरी निवासी दिव्यांशी ढाई साल का उपचार किया जा रहा है।
बता दें कि जिले में करीब 1,500 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 81,339 बच्चे पंजीकृत हैं। 12,312 बच्चे कुपोषित चिन्हित किए गए हैं। इनमें 2,415 बच्चे अतिकुपोषित चिहिन्त किए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 482 अति कुपोषित (सेम) और 2,274 कुपोषित (मेम) श्रेणी में बच्चे चिन्हित हैं, लेकिन उपचार के लिए जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) तक उनकी पहुंच न के बराबर है।