मुख्यालय के पशु चिकित्सालय मार्ग में मकान की छत पर गिरा टूटा बरगद का वृक्ष।
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जिले में गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। सरीला में छह पोल टूटने से सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। वहीं मुख्यालय में पशु चिकित्सालय रोड पर सड़क किनारे लगा बरगद का वृक्ष मकान पर गिर गया। इससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
गुरुवार रात आई आंधी से बिवांर कस्बे में बिजली लाइन में फाल्ट हो गया। इसके कारण रात भर गिजली गुल रही। वहीं मुख्यालय में रात करीब नौ बजे रानी लक्ष्मी बाई तिराहे के पास कार की टक्कर से बिजली का पोल टूट गया। करीब तीन घंटे बिजली गुल रही। पावर कारपोरेशन ने पोल लगवाया। उधर पशु चिकित्सालय मार्ग में सड़क किनारे खड़ा वर्षों पुराना बरगद का वृक्ष आंधी में झुक गया था। शुक्रवार दोहपर 12 बजे पेड़ लछमनिया धुरिया के मकान पर गिर गया। जिससे मकान की छत और दीवारों में दरारें आ र्गइं। पीड़िता लछमनिया ने बताया कि उसने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर वन विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रभागीय वनाधिकारी एपी त्रिपाठी ने बताया कि वन दरोगा सुरजीत सिंह को वृक्ष हटवाकर आवागमन सुचारु करवाने के निर्देश दिए हैं।
उधर सरीला में तेज आंधी के कारण दोनों पावर स्टेशनों की बिजली गुल हो गई। 18 घंटे बाद भी बिजली न मिलने से लोग परेशान रहे। आधा दर्जन खंभे भी टूट गए हैं। क्षेत्र के 100 गांवों की बिजली गुल है। क्षेत्र में खेड़ाशिलाजीत और ममना पावर स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जाती है। गुरुवार रात तेज आंधी आने से दोनों पावर स्टेशनों की 33 केवीए और हाईटेंशन लाइनें कई जगह टूट गईं। इसके कारण पूरी रात बिजली नहीं आई। जिससे क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्लत है। खेड़ा शिलाजीत, धगवां, चंडौत, जरिया, पवई, ममना, बीलपुर, धौहल, बंगरा, जलालपुर, भेड़ी सहित 100 गांवों में अंधेरा छाया है। विभाग के एसडीओ साश्वत सिंह ने बताया कि आंधी से काफी क्षति हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें तार इंसुलेटर देने में आनाकानी की जा रही है।