उपमंडल के तहत मिडल स्कूल भ्याड़ में तैनात शास्त्री के कंधों पर दो स्कूलों का कार्यभार आ गया है। गुरुजी एक दिन मिडल स्कूल भ्याड़, दूसरे दिन सीनियर सेकेंडरी स्कूल महल में ड्यूटी दे रहे हैं। ऑन डेपुटेशन शास्त्री अध्यापक को दो स्कूलों में पढ़ाई करवानी पड़ रही है।
इससे स्कूल में छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। महल स्कूल से संस्कृत अध्यापक का तबादला होने से अध्यापक का पद रिक्त हो गया है। इसके चलते भ्याड़ से संस्कृति अध्यापक को महल स्कूल में पढ़ाई का जिम्मा सौंपा गया है।
भ्याड़ एसएमसी के प्रधान स्नेह लता, सदस्य सुनील कुमार, सुषमा, रंजना देवी का कहना है कि मिडल स्कूल भ्याड़ में तीस छात्र हैं जो संस्कृत पढ़ते हैं। यहां तैनात अध्यापक की सीनियर सेकेंडरी स्कूल महल के प्रधानाचार्य ने एक दिन भ्याड़ और एक दिन महल स्कूल में ड्यूटी लगा दी है।
इससे भ्याड़ स्कूल के छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। एसएमसी का कहना है कि महल स्कूल के प्रधानाचार्य को स्कूल के अन्य साधनों से वहां अध्यापक रखना चाहिए। एसएमसी ने बताया कि स्कूल में कंप्यूटर अध्यापक का पद भी रिक्त है।
स्कूल में रखे गए कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। उन्होंने महल प्रधानाचार्य से मांग की है कि संस्कृत अध्यापक को भ्याड़ स्कूल में अपनी नियमित सेवाएं देने को कहा जाए।
महल स्कूल में संस्कृत अध्यापक का पद खाली है। यहां 150 छात्र संस्कृत पढ़ते हैं। भ्याड़ स्कूल हमारे कंपलेक्स में आता है। पढ़ाई को सुचारु रखने के लिए ऐसा किया है।
- कुशल पटियाल, प्रधानाचार्य, महल स्कूल