विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में जिले भर के विद्युत वितरण खंड के कार्यालयों, क्षेत्रीय संविदा व नियमित कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया। इधर विद्युत वितरण खंड कार्यालय परिसर में भी कर्मचारियों ने बैठक कर कार्य बहिष्कार किया।
कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली सप्लाई बाधित रही। धरने में विद्युत मजदूर संगठन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री अभय शंकर सिंह ने विस्तार पूर्वक कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की। साथ ही आगामी संघर्ष कार्यक्रम के तहत तैयार रहने का आहृान किया। धरने को अनवर अली, अशोक कुमार तिवारी, सागर, महेंद्र, नशीम, प्रमोद पांडेय, मंजुल तिवारी, कमलेश पांडेय आदि ने संबोधित किया।
सरीला प्रतिनिधि के अनुसार प्रांतीय आह्वान पर क्षेत्र के खेड़ा शिलाजीत व ममना पावर सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। जिससे दोनों पावर स्टेशनों से जुड़े कस्बा सहित ममना, धौहल, बंगरा, भेड़ी, कुपरा, जलालपुर, खेड़ा शिलाजीत, धगवां, चंडौत, जरिया करियारी सहित एक सैकड़ा से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। तहसील अध्यक्ष रामविलास ने बताया कि ठेकेदारी प्रथा से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। मांगे नहीं मानी जाती है तो संघ आरपार की लड़ाई लड़ेगा। धरने में ममना सब स्टेशन के जुझार, धर्मेंद्र, लक्ष्मण, उमाशंकर, संतोष, चंद्रभान सहित डेढ़ दर्जन तथा खेड़ा पावर स्टेशन के राजू, जुगल, चंद्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार बिजली कर्मचारियों इंदल सिंह, महमूद खान, नीरज सैनी, कामरान अहमद, अमर किशोर, राजेश कुमार, सूरजभान सिंह, मो.असगर, महेश्वरीदीन, हरिशचंद्र, बालेंद्र कुमार, सिकंदर सहित अन्य ने पावर सबस्टेशन पर धरना देकर नारेबाजी की।