राठ। बेसिक शिक्षा परिषदीय के संचालित विद्यालयों के शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित होने का जुनून सवार है। आए दिन किसी ने किसी संस्था की ओर से प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक स्क्रीन शॉट से इन सम्मानों पर प्रश्नचिह्न लगने लगा है। बीते कुछ महीनों से परिषदीय शिक्षकों में पुरस्कार बटोरने की होड़ लगी है।
भले ही शिक्षक समय से विद्यालय न पहुंचे पर उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र लेकर गौरवान्वित होने में दिक्कत क्या है। जब दर्जनों संस्थाएं रेवड़ी की तरह सम्मान व प्रमाणपत्र बांट रहीं हों। अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चैट का स्क्रीन शॉट वायरल हुआ है। जिसमें पुरस्कार के लिए प्रोफाइल फाइनल होने के बावजूद सपोर्ट चार्ज के रूप में एक हजार रुपये की मांग की गई है। यह स्क्रीन शॉट वायरल होने के बाद शिक्षकों को मिलने वाले पुरस्कार व प्रमाण पत्रों पर भी सवाल उठने लगे हैं। (संवाद)