मतदान शत प्रतिशत हो, इसके लिए महीनों से जागरूकता के अभियान चलाए जाते रहे। चुनाव आयोग ने भी इस बार फोटोयुक्त बड़ी-बड़ी पर्चियां बांटी। लेकिन गुसियारी गांव एक ऐसा गांव है जहां 50 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ। यहां के लोगों का कहना है कि एक तो गांव के ज्यादातर युवक बाहर हैं।
यहां पानी की समस्या होने से लोगों ने चुनाव में कम ही दिलचस्पी दिखाई दी। गुसियारी गांव जहां पेयजल समस्या से पूरी तरह त्रस्त हैं। यह हाथियों को पालने वाला गांव कहा जाता है। जहां एक दर्जन से अधिक हाथी हैं। वहीं इस गांव के नवयुवक ज्यादातर सऊदी अरब में काम करते हैं। वहीं पुलिस व अन्य
सेवाओं में भी 400 से अधिक युवा कार्यरत हैं। बीएलओ ने सभी की पर्चियां बांटी। लेकिन पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने मतदान में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वहीं ज्यादार युवा बाहर होने से यहां 50 प्रतिशत से कम वोट पड़ा। ग्राम प्रधान इसरार अहमद की ओर से काफी प्रयास किया लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली।