कस्बे के नेशनल इंटर कालेज के आगे इंगोहटा संपर्क मार्ग पर दस वर्ष पूर्व बना कृषि उप प्रसार भवन विभागीय अनदेखी का शिकार हो गया। यहां लाखों की लागत से कार्यालय, गोदाम और आवासीय भवन बनाए गए। लेकिन इसका उपयोग आज तक नहीं हुआ।
हाल ये है कि भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। खिड़की, दरवाजों के साथ स्लेप में डाली गई सरिया तक चोर तोड़ कर ले गए हैं। संबंधित अधिकारी इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं। तहसील क्षेत्र के किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए विश्वबैंक योजना से नेशनल इंटर कालेज से कुछ दूर सड़क किनारे कृषि विभाग ने प्रसार भवन बनवाया था।
इसमें गोदाम, कार्यालय और इसके पीछे आवासों का निर्माण हुआ। लेकिन निर्माण के बाद भवन की ओर विभाग ने नजर नहीं डाली। शुरुआती दौर में इसकी खिड़कियां और लोहे के दरवाजे चोर उखाड़कर ले गए। भवन में चौकीदार न रहने से ये जुआरियों और अराजकतत्वों का अड्डा बन गया।
इस भवन में कभी अधिकारी नहीं बैठे। भवन की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। हाल ये है कि कार्यालय और गोदाम के भवन की छतें हीं बची हैं।
मौदहा ब्लाक में चार लोगों का स्टाफ है। भूमि संरक्षण अधिकारी आरके माथुर के पास एसडीओ का चार्ज है। कृषि प्रसार भवन के बारे में उन्हीं को ज्यादा जानकारी होगी। फिलहाल वह जिले का अतिरिक्त चार्ज लिए हैं। भवन के खंडहर होने की जानकारी करेंगे।
सीएल यादव, उप कृषि निदेशक