हमीरपुर। प्रोटीन की प्रचुर मात्रा से भरपूर ड्रैगन फल की बाजार में मांग बढ़ी तो पैदावार भी बढ़ गई है। जिले में दो किसानों ने मौजूदा साल में उद्यान विभाग से अनुदान लेकर खेती शुरू की है। एक बार पौधा लगाने पर 25 साल तक फल देता है। कम पानी में तैयार हो जाती है और देखरेख भी अधिक नहीं है। ड्रैगन फल की खेती को लेकर किसानों में उत्सुकता बढ़ रही है। जिले में छह किसान इसकी पैदावार ले रहे हैं।
पाटनपुर गांव के जागरूक किसान प्रखर पांडेय के खेतों में ड्रैगन फल के पौधे अब बड़ा आकार लेने लगे हैं। इसी प्रकार ऋषि शुक्ला ने भी पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाए और ड्रैगन फल की खेती के लिए आगे आए हैं। गोहानी, बंधौली, बिवांर में भी अधिक मुनाफा कमाने के लिए किसान जागरूक हुए हैं। सरकार की ओर से इसके लिए 40 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान की वजह से किसानों का रुझान भी बढ़ा है।
उद्यान निरीक्षक सौभाग्य सोनी ने बताया कि एक हेक्टेयर भूमि में लगभग 1700 पौधे लगाए जाते हैं। ड्रैगन फल का पौधा 12 माह में फल देने लगता है, लेकिन किसान को चाहिए कि पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए कम से कम 18 माह का समय उचित है। फल आने शुरू होने के बाद किसान प्रति बीघा प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
ड्रैगन फल के लिए फरवरी से मार्च का समय अच्छा
ड्रैगन फल की खेती के लिए तेज धूप की जरूरत नहीं है। बेहतर खेती के लिए अधिकतम तापमान 50 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक रहना चाहिए। इसके लिए जून से जुलाई या फरवरी से मार्च का समय सबसे अच्छा है। इसकी खेती कम पानी में भी आसानी से हो सकती है। वैसे तो दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है लेकिन अन्य मिट्टी में भी यह फसल होती है। इसके लिए जल निकास बेहतर होनी चाहिए।