फोटो20एचएएमपी 33- ज्ञापन देकर लौटते चिकित्सक व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद
हमीरपुर। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक पर हमले, लूटपाट और तोड़फोड़ के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर बुधवार को चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पुलिस चौकी स्थापित करने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान करीब एक घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़ित डॉक्टर महेंद्र कुमार सिंह अन्य चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बुधवार को जिला चिकित्सालय से कलक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी अभिषेक गोयल को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। डॉ. सिंह ने बताया कि वह 18 मई की रात आठ बजे से 19 मई की सुबह आठ बजे तक इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। मंगलवार तड़के करीब 4:50 बजे अतरार निवासी 18 वर्षीय जितेंद्र सिंह को परिजन गंभीर हालत में इमरजेंसी में लेकर आए। चिकित्सक ने बताया कि मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
इसके बाद जब मरीज को रेफर किया गया तो 10 से 15 लोगों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। ड्यूटी पर मौजूद नर्स विपिन के साथ भी अभद्रता की गई और उनके ईसीजी तार से गला दबाने की कोशिश की गई। आरोपियों ने जाते समय चिकित्सकों और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अस्पताल में भयमुक्त वातावरण में ही चिकित्सीय सेवाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा सकती हैं। इसके साथही जिला अस्पताल परिसर से बुंदेलखंड रक्तदान समिति को भी हटवाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. ब्रह्मप्रकाश, डॉ. एके सिंह, सीएमएस डॉ. आरएस प्रजापति, डॉ. विकास यादव, डॉ. प्रशांत, डॉ. परबिंदर प्रजापति, डॉ. आरके बनर्जी समेत अन्य डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। इस प्रक्रिया के दौरान करीब एक घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही।