हमीरपुर। गोहांड ब्लॉक के अकौना ग्राम पंचायत में शौचालय आवंटन व निर्माण में धांधली के मामले में ग्राम प्रधान जुलेखा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। प्रधान व सचिव पर लाखों की हेराफेरी कर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का आरोप है।
अकौना गांव निवासी देव नारायण सिंह लोधी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। विधानसभा में भी 18 फरवरी को शिकोहाबाद से विधायक मुकेश वर्मा भी यह मामला उठा चुके हैं। शासन ने डिप्टी डायरेक्टर (पंचायत) दिनेश सिंह से जांच कराई थी। जिसमें जिला स्तर से 355 शौचालय के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि भेजी गई थी, लेकिन 251 शौचालय पूर्ण मिले। जबकि बेसलाइन सर्वे में नाम न होने के बावजूद 80 परिवारों को प्रोत्साहन धनराशि दी गई है। छह लाभार्थियों को नियम विरुद्ध अतिरिक्त तीसरी किस्त 6 हजार रुपये दी है। 7 परिवारों में शौचालय होने के बावजूद लाभ दिया गया।
डिप्टी डायरेक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि लाभार्थियों का चयन खुली बैठक में नहीं किया गया है। इस मामले में प्रधान व सचिव को संयुक्त रूप से उत्तरदायी ठहराया था। जांच रिपोर्ट आने पर डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने प्रधान जुलेखा पत्नी महबूब खां व सचिव शिवाकांत गुप्ता को कारण बताओ नोटिस दिया था। बीडीओ गोहांड विजय शंकर शुक्ला ने बताया प्रधान की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला। जिस पर वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। भ्रष्टाचार मामले में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।