शारदीय नवरात्र पर पीडब्ल्यूडी परिसर में सजा मां का दरबार।
- फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन देवी भक्तों ने महागौरी माता की विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की। वहीं अष्टमी के मौके पर आज देवी मंदिरों में भक्तों ने नारियल फोड़कर मन्नतें मांगीं। जगह-जगह कन्याभोज का आयोजन किया गया। मंदिरों व घरों में हवन-पूजन के साथ भजन कीर्तन हुए। भोर पहर से देरशाम तक मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजते रहे। लाउडस्पीकरों पर भजनों से आसपास का वातावरण भक्तिमय रहा।
नवरात्र के आठवें दिन देवी महागौरी माता की पूजा अर्चना करने के लिए चौरादेवी, गौरादेवी, शीतला माता, काली माता, कालिका माता, दुर्गा मंदिर, बड़ी देवी सहित कई छोटे-बडे़ मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। भक्तों ने अष्टभुजा देवी माता महागौरी को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजन कर चुनरी फल आदि अर्पित किए। अष्टमी पर भक्तों ने नारियल फोड़े और मन्नतें मांगी। इसके साथ ही दुर्गा पंडालों व मंदिरों में कन्या भोज कराया गया। इसी के साथ ज्यादातर भक्तों ने अपने घरों में कन्या भोज कराया। कन्या भोज का सिलसिला दिन भर जारी रहा।
पुराणों के अनुसार भगवान शंकर की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या करते हुए मां का शरीर धूल मिट्टी से मलिन हो गया था। भगवान शंकर जी ने धूल मिट्टी हटाने के लिए गंगा जल से उनके शरीर को धोया तो उनका शरीर गौर और दीप्यमान हो गया। तब से यह देवी महागौरी के नाम से जानी जाने लगीं। मान्यता है कि मां महागौरी की आराधना करने से भक्त में धैर्य की शक्ति बढ़ती है।