हमीरपुर। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ को लेकर स्थानीय डिपो से 50 बसे भेजे जाने के कारण अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्री परेशान रहे। सबसे ज्यादा समस्या दिल्ली रूट पर रही। इस रूट पर जाने वाली सात बसों में से मंगलवार को केवल एक बस भेजी गई।
स्थानीय डिपो में 59 बसों का बेड़ा है। जिसमें से सोमवार को 20 व मंगलवार को 30 बसें महाकुंभ भेजी गईं। ऐसे में अन्य मार्गों पर संचालित होने वाली बसों की संख्या न के बराबर हो गई है। जिससे यात्रियों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को डिपो में यात्रियों की भीड़ रही। सबसे ज्यादा दिल्ली जाने वाले यात्री परेशान दिखे। यात्रियों की खासी जद्दोजहद के बाद शाम पांच बजे एक बस दिल्ली भेजी गई। बस न होने पर यात्री प्राइवेट बसों में महंगा किराया देकर यात्रा को मजबूर दिखे। डिपो के संचालन प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया कि 50 बसें महाकुंभ गईं है। ऐसे में दिल्ली जाने वाली सात बसें रद्द कर दी गईं। दिल्ली जाने को करीब 15 यात्री एकत्र हुए, जिस पर उन्हें पांच बजे बस मुहैया करा भेजा गया है।
नहीं मिली बस चार घंटे किया इंतजार
- कुरारा क्षेत्र के शेखूपुर गांव निवासी सावित्री ने बताया कि उसे दिल्ली जाना है। दोपहर एक बजे से डिपो में खड़ी हैं लेकिन कोई बस नहीं मिली। पूछताछ में भी सही जवाब नहीं दिया।
बस के चक्कर में महोबा से आया हमीरपुर
- महोबा निवासी परमलाल ने बताया कि महोबा में भी दिल्ली जाने को लेकर यहीं समस्या है। ऐसे में वह यहां से बस आसानी से मिलने की सोचकर दोपहर करीब एक बजे आए। लेकिन चार घंटे से कोई बस नहीं मिली।
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निजी बस संचालक कर रहे मनमानी
- पतारा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह चंदेल ने बताया कि दिल्ली रूट में चलने वाली प्राइवेट बसों के संचालक मनमानी कर रहे है। अधिक किराया वसूल एसी आदि की सुविधाएं नहीं दे रहे और लड़ने पर आमादा होते है।