फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur News: झाड़फूंक कराने में बेटी की गई जान, घर लौटा तो बेटा भी फर्श पर मृत मिला

Sat, 04 Oct 2025 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
गहरौली (हमीरपुर)। मुस्करा विकासखंड क्षेत्र के इमलिया गांव में बुधवार की रात कच्चे घर में जमीन पर सोते समय सर्प ने सगे भाई-बहन को डस लिया। बेटी को लेकर पिता गांव में झाड़-फूंक करते रहे लेकिन उसकी मौत हो गई। बेटी का शव लेकर घर लौटे तो बेटा भी मृत मिला। दशहरे के दिन हुई घटना से गांववासियों में शोक है। पुलिस ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रशासन ने 10 दिन के अंदर मदद का भरोसा दिया है।
विज्ञापन




क्षेत्र के इमलिया गांव निवासी रामराज प्रजापति ने बताया कि बुधवार रात उनकी बेटी काजल (6) और बेटा रोहित (4) कमरे में जमीन पर लेटकर सो गए। रात करीब 11 बजे काजल के चिल्लाने पर देखा तो उसके पास से सांप भाग रहा था। लड़की को गांव में झाड़-फूंक करने वालों के पास ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। घर आने पर बेटा भी मृत मिला। उसे भी सांप ने डस लिया था।



सुबह सूचना पर गांव वाले एकत्रित हो गए। सूचना पर नायब तहसीलदार मौदहा और मुस्करा इंस्पेक्टर योगेश कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने सर्पदंश से बच्चों की मौत होने की बात कही। तहसीलदार ने उन्हें 10 दिन के अंदर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, इंस्पेक्टर योगेश तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम की ओर से उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन






कच्चा मकान व अस्पताल न होना बन गया काल

सर्पदंश से दोनों बच्चों की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि रामराज प्रजापति मजदूरी कर परिवार का पालन करता है। उसके छह बच्चे हैं। अब दो बेटे व दो बेटियां बचीं हैं। वह गरीबी के चलते पक्का मकान नहीं बनवा सका। इसी कारण बच्चे कच्चे मकान के फर्श पर सोने को मजबूर थे। इसी कारण हादसा हुआ। उनका मानना है कि यदि मकान पक्का होता तो जहरीले कीड़े मकोड़े न पहुंचते। वहीं, यदि गांव स्थित सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू होती तो बेटी के इलाज के लिए रामराज को झाड़फूंक करने वालों का सहारा न लेना पड़ता और बेटी की जान बच जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें