हमीरपुर। रिश्वत लेने, विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या का प्रयास और चिट्टे के मामले में निलंबित चल रहे पूर्व एसएचओ नीरज राणा की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है।
इसके बाद वह उन्होंने हमीरपुर में ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। वह पांच जनवरी को कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद लंबी छुट्टी पर थे। कोरोना संक्रमित पाए जाने पर वह 6 जनवरी को प्रदेश उच्च न्यायालय में भी पेश नहीं हो पाए थे।
उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय में जवाब पेश किया था। जबकि विजिलेंस और एसआईटी ने उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा, इसलिए उसकी जमानत रद्द की जाए। मगर प्रदेश उच्च न्यायालय ने जमानत रद्द करने की अर्जी को खारिज करते हुए आरोपी को 3 मार्च 2020 को अंतरित अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
आरोपी के कोविड संक्रमित होने के चलते विजिलेंस और एसआईटी आरोपी एसएचओ से पूछताछ भी नहीं कर पाई। विजिलेंस के हाथ अभी तक केस प्रॉपर्टी तक हाथ नहीं लगी। न ही आरोपी का मोबाइल फोन बरामद किया जा सका है। हालांकि विजिलेंस के पास आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन की सीडीआर और घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है।
आरोपी का हेडक्वार्टर हमीरपुर से नादौन फिक्स करने पर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। इसके चलते पुलिस अधीक्षक ने फिर से आरोपी एसएचओ का हेडक्वार्टर हमीरपुर फिक्स कर दिया है। विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी के पास है। लेकिन आरोपी एसएचओ ने अभी तक जांच अधिकारी के सवालों का जवाब नहीं दिया है। आरोपी कोई जवाब देने से पूर्व पुलिस विभाग से एफआईआर की कॉपी मांग रहा है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. आकृति ने कहा कि आरोपी एसएचओ कोरोना से स्वस्थ हो गया है और ज्वाइन कर चुका है।
यह है सारा मामला
विजिलेंस ने नादौन थाना के पूर्व एसएचओ नीरज राणा को दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यक्ति से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने का प्लान 21 दिसंबर को बनाया था। मगर ज्यूं ही नादौन शहर के लेबर चौक पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के हाथों में रिश्वत के केमिकल लगे नोटों की गड्डी थमाई तो आरोपी को दबोचने के लिए विजिलेंस टीम आगे झपटी। मगर आरोपी विजिलेंस टीम पर कार चढ़ाने का प्रयास करते हुए मौके से फरार हो गया।
कुछ घंटे के बाद आरोपी की कार सेरी कल्चर रोड पर सड़क किनारे बरामद की गई। यहां कार की तलाशी के दौरान 0.84 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी की धरपकड़ के लिए विजिलेंस और पुलिस की एसआईटी गठित की गई है। मगर 24 दिसंबर तक दोनों जांच दल आरोपी को नहीं पकड़ पाए। 24 दिसंबर को आरोपी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली। पहले उसे 31 दिसंबर, इसके बाद 6 जनवरी और अब 3 मार्च 2022 तक अग्रिम जमानत मिली है।