मौहर गांव में घटना स्थल पर रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
फसल की बर्बादी और पौने दो लाख के कर्ज से टूटे किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार सुबह की यह घटना भरुआ सुमेरपुर थाना क्षेत्र के मौहर गांव की है। किसान को बेटी की शादी की चिंता भी खाए जा रही थी।
बदहाली में जान देने वाले मौहर गांव के किसान नत्थू (45) पुत्र महावीर के नाम करीब एक एकड़ खेतिहर जमीन है। उसने जमीन के एवज में इलाहाबाद बैंक मुंडेरा शाखा से 25 हजार रुपये का केसीसी लोन लिया था। इसके अलावा नाते रिश्तेदारों के पास 50 हजार रुपये में जेवर और 50 हजार रुपये में खेत गिरवी रखे थे।
गांव वालों और रिश्तेदारों से करीब 50 हजार रुपये कर्ज भी लिया था। चार साल से फसल न होने से वह परेशान था। इस साल उड़द की फसल बोई थी, जो बारिश से खराब हो गई। इन हालात में वह परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करने लगा।
पत्नी सूरजकली ने बताया कि पति को सयानी बेटी की शादी की चिंता भी सता रही थी। इधर कर्ज लौटाने का दबाव बढ़ने पर पति की उलझनें बढ़ गईं। रविवार सुबह पति ने मवेशियों को मच्छरों से बचाने के लिए धुआं सुलगाया और एक मवेशी की रस्सी खोलकर खेतों की ओर चले गए। थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि उन्होंने अपने ही खेत की मेड़ पर लगे बबूल के पेड़ पर फांसी लगा ली है। पत्नी ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते पति ने दो साल पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था।
भाई टेरालाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष पीके यादव के मुताबिक परिजन आत्महत्या की वजह आर्थिक तंगी बता रहे हैं। इस बाबत एडीएम डा. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि राजस्वकर्मियों को भेजकर मामले की जांच कराएंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक मदद आदि की कार्रवाई की जाएगी।