राठ के पोस्टमार्टम हाउस में गमगीन खड़े प्रमोद के परिजन।
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कोतवाली क्षेत्र के चिल्ली गांव निवासी एक युवक ने सूने घर में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई उसकी मौत हो चुकी थी। वह इंदौर में रह कर प्राइवेट तौर पर शिक्षण कार्य करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर, राठ के कैथी गांव में एक किशोर ने फांसी लगा ली।
चिल्ली गांव निवासी प्रमोद (30) पुत्र रमाशंकर कुशवाहा ने रविवार देर शाम घर के कमरे में लगे पंखे में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। उसके पिता रमाशंकर ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में गया था। बड़ा पुत्र जयसिंह खेतों पर काम कर रहा था, तभी प्रमोद ने घर में फांसी लगा ली। खेत से लौटे जयसिंह ने दरवाजा बंद देख आवाज लगाई।
काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर उन्हें शक हुआ। किसी तरह अंदर जाकर देखा तो प्रमोद का शव फांसी पर झूलता मिला। बताया मृतक प्रमोद इंदौर में रह कर प्राइवेट तौर पर शिक्षण कार्य करता था। जबकि पिता खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिजन युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का कारण नहीं बता पा रहे हैं। कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर, कोतवाली क्षेत्र के कैंथी गांव निवासी श्याम सिंह (17) पुत्र रामपाल ने रविवार शाम अपने कमरे में बिजली की केबल से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पिता रामपाल ने बताया वह गांव में कपड़ा सिलाई का काम करता था। जब उसने फांसी लगाई उस वक्त परिजन कामकाज में व्यस्त थे। देर शाम तक जब कमरे से बाहर नहीं निकला तब परिजनों को जानकारी हुई। ग्राम प्रधान रामस्वरूप ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। बताया किशोर के आत्महत्या करने का कारण पता नहीं चल सका है। कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला ने बताया जांच की जा रही है।