अलरा गांव स्थित पहाड़ी-भिटारी पेयजल योजना से ग्रामीणों को पीने का तो
पानी नहीं मिल रहा है अलबत्ता इन नलकूपों से सब्जी की बारियों की सिंचाई की
जा रही है। आक्रोशित पहाड़ी गांव के ग्रामीणों ने जलसंस्थान कार्यालय का
घेराव किया। मामला बिगड़ता कर्मचारी मौके से भाग निकले। इस पर ग्रामीणों ने
जिलाधिकारी के टोल फ्री नंबर पर सूचना दर्ज कराई।
पहाड़ी-भिटारी गांव
के नाम से सामूहिक पेयजल योजना अलरा गांव में संचालित है। दो नलकूपों के
साथ एक ओवरहेड टैंक बना है। इसी योजना से अलरा, गौरा, पहाड़ी, भिटारी व
गहरौली गांवों की 35 हजार आबादी को पानी मुहैया कराया जा रहा है।
फिलहाल यह योजना बीते 30 साल से संचालित है। इतने लंबे समय से संचालित इस
योजना का पुनर्गठन नहीं किया गया है। पुरानी पाइप लाइन जगह-जगह से ध्वस्त
हैं। यही कारण है नलकूपों का ज्यादातर पानी बर्बाद हो रहा है।
इसी के चलते
बड़ी आबादी के गहरौली गांव की ऊंचाई वाली बस्ती को पानी नहीं मिल रहा है।
15 हजार की आबादी वाले गहरौली को 24 घंटे में सिर्फ आधा घंटे ही पानी की
सप्लाई मिल पा रही है।
पेयजल योजना से इस गांव की दूरी करीब 3 किमी है।
वहीं ऊंचाई वाले पुराना पोस्ट आफिस, ब्राह्मण मोहल्ला, ग्वाट मोहाल, पांडेय
मोहाल को तो कभी भी पानी नहीं मिला है।
उधर अलरा गांव में नलकूप नंबर दो
के निकट सब्जी की बारियाें की सिंचाई आपरेटर पैसा लेकर कर रहे हैं। इसी से
आक्रोशित ग्रामीण रामकृपाल राजपूत, सीताराम, दिनेश तिवारी, विवेक तिवारी,
सत्यभान, अहमद, विमलेश साहू, चंद्रभान, रामसनेही ने अलरा गांव पहुंच
जलसंस्थान के कार्यालय को घेर लिया।
ग्रामीणों को देख लिपिक बरदानी यादव,
आपरेटर संतोष सहित बागराज आपरेटर खिसक गए। सहायक अभियंता जलसंस्थान एसए त्रिवेदी ने कहा कि पहाड़ी-भिटारी पेयजल योजना से संबंधित शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय से मिली है। आपरेटर पर नलकूप का पानी खेतों में सिंचाई क ो चलाने की शिकायत है।
इस मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगले दो दिन में पानी की समस्या का निराकरण करा दिया जाएगा।