गर्ल्स चाइल्ड डे के अवसर पर राजकीय बालिका इंटर कालेज में विभिन्न कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर वाद विवाद प्रतियोगिता में लैंगिक भेदभाव एवं अल्ट्रासोनाग्राफी के फायदे एवं नुकसान आदि विषय पर छात्राओं ने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि डा.श्रेया ने कहा कि लिंगानुपात की असमानता को दूर करने के लिए सर्वप्रथम महिलाओं को स्वयं आगे आना होगा। समाज की सोच में बदलाव लाना होगा कि महिला भी किसी पुरुष से कम नहीं है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रीराम सोनी ने कहा कि लैंगिक असमानता को समाज से दूर करने के लिए जनमानस में जन जागरूकता एवं व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से लोगों की सोच में बदलाव करना होगा।
कन्या भ्रूण की लिंग जांच करने तथा करवाने वाले दोनों दोषी हैं, इस तरह की सूचना अगर किसी भी माध्यम से प्राप्त होती है तो संबंधित चिकित्सक एवं जांच करवाने वाले के विरुद्ध पीसीपीएनडी एक्ट 1994 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में सिद्धी पालीवाल ने प्रथम, श्रुति पाठक द्वितीय व मुस्कान त्रिपाठी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि 10 छात्रों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। जीजीआईसी की प्रधानाचार्य नुजहत सईद फात्मा ने आभार जताया। संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी शिवकुमार ने किया।