कस्बे के चरखारी रोड स्थित 33केवीए पावर स्टेशन
द्वितीय में छठवें दिन भी बिजली चालू नहीं हो सकी। शुक्रवार को पावर
कारपोरेशन के अधिकारी ट्रांसफार्मर रखने के लिए मशक्कत करते रहे। पावर
स्टेशन परिसर की पोली मिटटी होने से जेसीबी और क्रेन के पहिए मिट्टी में
धंस गए। अब पावर कारपोरेशन ने पोली मिट्टी के ऊपर पत्थर डालने का कार्य
शुरू करा दिया है।
गौरतलब है कि 16 अगस्त की शाम बारिश के दौरान
33केवीए पावर स्टेशन चरखारी रोड द्वितीय में लगा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर
खराब हो गया था। 20 अगस्त को नया ट्रांसफार्मर मंगाया गया।
ट्रांसफार्मर
लगाने के लिए पावर कारपोरेशन ने पहले जेसीबी बुलाकर खराब ट्रांसफार्मर
हटाना चाहा। लेकिन पावर स्टेशन परिसर की पोली मिट्टी होने के कारण जेसीबी
धंस गई। कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी बाहर निकली जा सकी।
इसके बाद पावर
कारपोरेशन ने उरई से दो क्रेनें मंगाकर ट्रांसफार्मर उठाने का प्रयास किया
लेकिन वह भी जमीन में धंस गई। शुक्रवार को सारा दिन फंसी मशीनों को बाहर
निकालने का काम होता रहा।
शाम के समय पावर कारपोरेशन ने पहाड़ का पत्थर
वाला कचरा मंगाकर पोली जमीन को पक्का कराने का कार्य शुरू कराया। अभी भी
पावर स्टेशन से जुडे़ 39 गांव अंधेरे में डूबे हैं।
बिजली चालू होने की आस
को लेकर सारा दिन पावर स्टेशन में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।
अवर अभियंता
भूपसिंह ने बताया कि मशीनों के फंसने और बारिश होने से काम में रुकावट हो
रही है। बताया कि परिसर को पक्का कर ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य शुरू हो
जाएगा। बिजली चालू होने में अभी दो दिन और लग सकते हैं।