बिजली कटौती व अन्य समस्याओं को लेकर भाकियू ने
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। इसके बाद पावर कारपोरेशन कार्यालय
में अधिशाषी अभियंता का घेराव कर नारेबाजी की। किसान नेता ने अधिवक्ताओं के
खिलाफ दर्ज मुकदमे हटाने व कटौती बंद किए जाने की मांग की।
भाकियू
जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत ने क्षेत्र के किसानों के साथ विभिन्न
समस्याओं के साथ बिजली कटौती के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में पंचायत की।
किसान नेता ने कहा कि ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से पीड़ित 50 फीसदी किसानों
को अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी गई है। प्रदेश सरकार ने सभी प्रकार की
वसूली पर रोक लगा रखी है मगर राजस्व विभाग वसूली अभियान चलाकर किसानों का
उत्पीड़न कर रहा है।
फिर उन्होंने किसानों के साथ मुख्यालय स्थित पावर
कारपोरेशन के कार्यालय में धावा बोलकर कटौती को बंद करने की मांग कर
नारेबाजी की। अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग
अधिशाषी अभियंता से की।
हंगामा बढ़ता देख काफी संख्या में कोतवाली की पुलिस
फोर्स बुला ली गई। वहीं अघोषित कटौती न किए जाने की बात पर ही किसान
नेताओं का गुस्सा शांत हुआ।
इसके साथ किसान नेता ने बिवांर कांड के मामले
में एएसपी आदित्यप्रकाश वर्मा को ज्ञापन देकर जेल में बंद 17 लोगों के
खिलाफ दर्ज मुकदमे को समाप्त किए जाने की मांग की।
इसके अलावा राज्यपाल को
संबोधित किसानों की अन्य समस्याओं का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को दिया।
ज्ञापन देते समय महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत, रामदास
सविता, महेश कुमार तिवारी, हरीचरन पहलवान, रामकिशुन वर्मा, राजाराम वर्मा,
दिनेश दीक्षित, रामलखन, सत्तीदीन, जंगबहादुर, शकुंतला, रामदुलारी,
कस्तूरी देवी, रानीदेवी, रेखा, दयारानी, शांती, हरीशंकर, मातादीन,
चुन्नीदेवी, लोकेंद्रसिंह परिहार, बलराम सिंह आदि किसान मौजूद रहे।