किसान की मौत पर सीएचसी में खड़े परिजन।
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बैंक से कर्ज चुकाने का नोटिस मिलने के बाद परेशान किसान ने जहर खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान के भाई दुर्जन सिंह ने बताया उस पर तीन बैंकों का कर्ज था।
जरिया थाने के खेड़ा शिलाजीत गांव निवासी किसान भानसिंह (35) पुत्र विश्वनाथ राजपूत के पास करीब 18 बीघा खेती है। उसके भाई दुर्जन सिंह ने बताया भान सिंह ने आठ बीघा खेती गिरवी रखकर एक लाख रुपये कर्ज लिया है। बाकी खेतों पर इस साल गेहूं की फसल बोई थी। भान सिंह पर तीन बैंकों का कर्ज है। किसान के भाई दुर्जन सिंह ने बताया 2012 में भान सिंह ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक जरिया से करीब 10 लाख का कर्ज लिया था।
अभी दो साल पहले उरई की एक प्राइवेट बैंक से कर्ज लिया। जिसका दो दिन पहले नोटिस आया था। नोटिस आने के बाद वह परेशान रहने लगा और रविवार दोपहर करीब एक बजे वह फसल देखने के बहाने खेत गया और वहीं पर जहर खा लिया। खेतों के आसपास बकरियां चरा रहे चरवाहों ने जब उसे तड़पते देखा तो परिजनों को खबर दी।
इस उसे अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत बता दिया। किसान के दो पुत्र शशिकांत, हिमांशु और एक पुत्री कामिनी हैं। किसान की मौत पर पत्नी सुनीता का रोरोकर बुराहाल है। इस मामले में एसडीएम रावेंद्र सिंह ने कहा कि सूचना मिली है जांच कराई जाएगी।