बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से किसान तबाह हो गए
हैं। मदद के नाम पर सरकार और प्रशासन की ओर से छलावा किया जा रहा है। अभी
तक फसलों का सर्वे न शुरू कराए जाने से किसानों में नाराजगी है।
राजस्व
कर्मी किसानों की बर्बाद फसलों के नुकसान का सर्वे नहीं कर रहे है। बिवांर
के किसानों ने अपने मौजे के लेखपाल रमेश कुशवाहा से फोन पर फसलों के
नुकसान का सर्वे करने की बात पूछी।
इस पर लेखपाल ने कहा कि सर्वे
कर लिया गया है। जब किसान सनत कुमार ने पूछा कि सर्वे कब किया गया तो
लेखपाल भड़क गया। उसने नेतागिरी न करने की सलाह दे डाली। कहा कि रिपोर्ट
जिला स्तर से जाएगी न कि मेरे स्तर से। किसान छोटे बाबा ने बताया कि अभी तक
किसी प्रकार का कोई सर्वे नहीं किया गया है।
किसान पप्पू का कहना
है कि उसने खेताें में महंगा हाईब्रिड बीज बोया था लेकिन अब लागत भी निकलनी
मुश्किल है। किसान रामफल का कहना है कि सरकार उनकी अनदेखी कर रही है बताया
कि उसकी चने की फसल बर्बाद हो गयी है। उन्हें अभी तक पिछली फसलों का भी
नुकसान नहीं मिला है।