पूर्व राजमाता सैफाली सिंह के प्रयास से सरीला में बन
रहे 132 केवीए पावर स्टेशन के निर्माण में अब गति आ गई है। एक हफ्ते बाद
मशीनें आनी शुरू हो जाएंगी। पाइलिंग का काम तेजी से चल रहा है। अब निर्माण
विभाग खुद कराएगा। इसे एक साल में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इसके
निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लो वोल्टेज से राहत मिलेगी।
नगर व क्षेत्र की छिन्न भिन्न विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग के लगभग डेढ़ साल पहले कसबे में 132 केवीए का पावर स्टेशन स्वीकृत कराकर उसके लिए जमीन तलाशनी शुरू कर दी थी।
लोगों की मांग पर पूर्व राजमाता सैफाली सिंह ने बरहरा रोड पर पर्याप्त जमीन पावर स्टेशन के निर्माण के लिए दान में दे दी थी। जिस पर 3 मार्च 2014 को विभागीय अफसरों द्वारा भूमि पूजन कर काम शुरू करा दिया गया था।
बाउंड्री के निर्माण के बाद यहां का काम ठप हो गया था। पूर्व राजमाता ने बताया कि जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो आगरा और बांदा में बैठे विभाग के अफसरों से मिलीं और काम में तेजी लाने का आग्रह किया।
विद्युत प्रेक्षण खंड बांदा के अधिशाषी अभियंता उमेश वर्मा ने बताया कि इस पावर स्टेशन के निर्माण का काम पहले प्राइवेट कंपनी को दिया गया था, फिर उसे हटा दिया गया। अब विभाग खुद इसका निर्माण कराएगा।
निर्माण कार्य तेज गति से पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व राजमाता इस कार्य में काफी सहयोग कर रही है। एक हफ्ते में मशीनें आनी शुरू हो गई हैं। यह पावर स्टेशन 14.50 करोड़ की लागत से बन रहा है।
इसे राठ, महोबा व राठ भरुआ लाइनों से जोड़ा जाएगा। इस पावर स्टेशन की क्षमता 33 केवीए के आधा दर्जन से अधिक पावर स्टेशन चलाने की होगी। इस पावर स्टेशन के निर्माण में तेजी आ जाने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है।