फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस हाईअलर्ट पर, एटीएस कमांडो के हवाले मेला क्षेत्र

Mon, 05 Jan 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
माघ मेला के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के लिए पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तो तैनात की ही गई है, संगम क्षेत्र का इलाका एटीएस और आरएएफ जवानों के हवाले कर दिया गया है। मेला क्षेत्र की 22 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी तो की जा ही रही है, आने जाने वाले वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है।
विज्ञापन

रविवार को आईजी जोन दलजीत सिंह चौधरी, डीआईजी भगवान स्वरूप भी मेला तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मेला पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने एसएसपी दीपक कुमार, एसपी मेला नीरज पांडेय, सभी सीओ, 11 एसओ और 34 चौकी प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में पीएसी, फायर ब्रिगेड के साथ ही जल पुलिस के जवान भी मौजूद थे। आईजी ने कहा कि मेला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जाए और आपात स्थितियों के लिए पहले से प्रबंध कर लिए जाएं। किसी भी मार्ग पर ज्यादा दबाव न पड़ने दिया जाए। किसी घाट या मार्ग पर भीड़ बढ़े तो डायवर्जन लागू कर दिया जाए। डीआईजी भगवान स्वरूप ने हर थानेदार से समस्याओं के बारे में पूछा। बैठक में प्रशासनिक अफसरों ने समस्या के तत्काल निराकरण का आश्वासन दिया।

पीएसी के जवानों को अभी तक ड्यूटी प्वाइंट नहीं मिले हैं। रविवार को मेला पुलिस लाइन में हुई बैठक में कंपनी कमांडरों ने यह बात उठाई। डीआईजी ने निर्देश दिया कि सभी को बैठक के बाद यह बता दिया जाए कि कहां उनकी तैनाती है। बैठक में दूसरे जिलों से फोर्स न पहुंचने का मसला भी उठा। डीआईजी ने कहा कि इस संदर्भ में संबंधित पुलिस कप्तानों से बात की जाए। यातायात पुलिस ने दूसरे जिलों से बैरीकेडिंग के न पहुंचने और पुलिस कर्मियों का सहयोग न मिलने की बात उठाई। एसएसपी ने कहा कि थाने की पुलिस यातायात नियंत्रण में पूर्ण सहयोग दे।
विज्ञापन


पुलिस वाले प्रशासनिक अफसरों को समस्या गिना रहे थे तो प्रशासनिक अफसर भी कहां पीछे रहने वाले थे। अफसरों ने कहा कि स्नान पर्वों पर घाट पर गोदान करने और बहरूपियों के जुट जाने से अव्यवस्था उत्पन्न हो जाती है। बहरूपियों के कारण टप्पेबाजी की घटनाएं भी होती हैं। यह भी कहा कि घाट पर स्नान के दौरान पूजा पाठ से भी दिक्कत होती है। इस पर भी रोक लगवाई जाए।

संगम नोज 1-2, अक्षय वट संगम क्रासिंग, महावीर क्रासिंग, मोरी रैंप, त्रिवेणी रैंप, अक्षयवट, त्रिवेणी जगदीश तिराहा, पार्किंग काली सड़क, अरैल स्नानघाट पूर्वी, अरैल स्नानघाट पश्चिम, पीपापुल एक, पीपापुल दो, पीपापुल तीन, पीपापुल चार, त्रिवेणी संगम क्रासिंग, काली रैंप, जगदीश रैंप, महावीर जी, काली सड़क मोड़, टीकरमाफी, प्रशासनिक चौराहा, शास्त्री पुल पूर्वी, शास्त्री पुल पश्चिमी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें