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व्यवस्था भारी भरकम, फिर भी घर में महिलाओं का प्रसव

Tue, 20 Jan 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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सुरक्षित प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना समेत तमाम सुविधाएं दिए जाने का शासन प्रशासन की ओर से दावा भले ही किया जाए किंतु जिले में हकीकत इससे उलट है। बीते नौ माह में करीब 16 सौ गर्भवतियों का घर पर ही प्रसव कराना पड़ा। यह हकीकत स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े ही दर्शा रहे हैं।
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वर्ष 2014 में अप्रैल से दिसंबर तक के आंकड़ों पर गौर करें तो सरकारी अस्पतालों में 14,446 डिलीवरी हुई। वहीं 1597 महिलाओं ने घरों में प्रसव कराया। सरकारी अस्पतालों में 242 सीजर भी हुए। जबकि जिले में अप्रैल से दिसंबर तक जननी सुरक्षा योजना में 20,886 महिलाओं का प्रसव कराए जाने का लक्ष्य तय किया गया था।

इसके लिए 90 प्रसव केंद्र संचालित हैं। इसमें कुरारा, सुमेरपुर, मौदहा, मुस्करा, नौरंगा, गोहांड, सरीला, राठ सीएचसी व महिला जिला चिकित्सालय में प्रसव कराए जा रहे हैं। वहीं 81 नवीन स्वास्थ्य केंद्र व उपकेंद्रों पर इसकी व्यवस्था की गई है। जिले में 850 आशा बहुओं की तैनाती है।
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भारी भरकम व्यवस्था के बावजूद महिलाओं को घर पर असुरक्षित प्रसव से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी श्रीराम सोनी कहते हैं कि रास्ते खराब होने और अस्पताल से गांव की दूरी ज्यादा होने के कारण कई बार एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती हैं। जिले में कई गांव बीहड़ी इलाकों में हैं, जहां आवागमन का कोई साधन नहीं है। इस कारण भी दिक्कत है। वैसे प्रयास है कि शत-प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में ही कराए जाएं।
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