इलाहाबाद। पशु तस्करों ने सोमवार भोर में पुलिस की पैट्रोलिंग कार (पीसी) 13 पर हमला बोल दिया। पशुओं को वध के लिए ले जा रहे कंटेनर चालक ने असरावल खुर्द में पीछा कर रही स्कार्पियो पीसी को बैक करके टक्कर मार दी। हादसे में पीसी में तैनात दरोगा और दो सिपाही जख्मी हो गए। टक्कर लगने के बाद कंटेनर छोड़ इसमें सवार सभी लोग भाग निकले। बाद में अन्य पीसी और धूमनगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त पीसी को थाने पहुंचा दिया गया। कंटेनर में चार बैल थे।
पीसी 13 में दरोगा गया प्रसाद तिवारी, सिपाही वीरेंद्र तिवारी और शफीक अहमद सवार थे। पीसी को वीरेंद्र तिवारी चला रहे थे। तैनाती जीटी रोड पर थी। धूमनगंज थाने की जीडी में दर्ज किया गया कि भोर में तीन बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि एक कंटेनर में पशुओं को वध के लिए ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही कंटेनर का पीछा किया जाने लगा। पीसी 13 को पीछे लगा देख ड्राइवर ने जीटी रोड को छोड़कर कंटेनर को असरावल खुर्द की ओर मोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक संकरी सड़क पर पीछे से पीसी को आता देख ड्राइवर ने कंटेनर को रोक दिया। उसने कंटेनर को तेजी से बैक करते हुए पीसी में टक्कर मार दी। जब तक दरोगा और सिपाही संभलते, ड्राइवर समेत कंटेनर में बैठे सभी लोग भाग चुके थे। ट्रक धूमनगंज का ही बताया जा रहा है।
पुलिस की कहानी पर सवाल भी उठ रहे हैं। सोमवार शाम तक हादसे की जानकारी एसपी कंट्रोल रूम प्रदीप कुमार को नहीं दी गई थी। अगर पशु तस्करों के भागने की सूचना कंट्रोल रूम से जारी की गई होती तो अफसरों को भी इसकी जानकारी होती। घायलों को भी शाम को मेडिकल के लिए भेजा गया। सवाल भी उठ खड़ा हुआ है कि ड्राइवर ने बैक कर पीसी में क्यों टक्कर मारी। सूत्रों का यह भी कहना है कि पीसी ओवर टेक करने की कोशिश में कंटेनर में जा घुसी। लीपापोती के लिए कहानी को नया मोड़ दे दिया गया।