चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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जलालपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में करीब साढ़े पांच साल पहले घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को एफटीसी प्रथम ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता आनंद सक्सेना व अल्ताफ हुसैन ने बताया जलालपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में सात अगस्त 2013 की रात करीब 11 बजे गांव का रामचरन व उसका पिता राधे महिला के घर आए। राधे घर के बाहर बैठ गया और आरोपी रामचरन घर में अकेली महिला के कमरे में घुस गया। उससे महिला से साथ चलने को कहने लगा। महिला के विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि उन लोगों ने उसकी बहन को भगाया है। घर के अंदर लालटेन जलने से महिला ने आरोपी को पहचान लिया।
महिला के मना करने पर आरोपी रामचरन ने उससे दुष्कर्म किया। इसी बीच महिला का 10 वर्षीय पुत्र जाग गया। महिला ने पति को घटना की जानकारी दी तब वह दिल्ली से आया और आठ अगस्त 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई में अदालत ने आरोपी रामचरन के पिता राधे को साक्ष्य के अभाव बरी कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को एफटीसी प्रथम ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने आरोपी रामचरन को सात साल की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।