परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दूध देेने की योजना पहले ही दिन धड़ाम हो गई। बुधवार को परिषदीय स्कूलों के बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध देने के शासन ने निर्देश दिए थे। साथ ही मिड-डे मील में कोप्ता और चावल देने का मेन्यू तय किया था।
बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों को हर हाल में बच्चों को दूध और मेन्यू के मुताबिक खाना देने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला की टीम ने कुछ स्कूलों का जायजा लिया तो प्रधानाध्यापकों और प्रधानों की मनमानी सामने आई।
ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के ज्यादातर स्कूलों के बच्चों को दूध नहीं मिला। कोप्ता और चावल की जगह कढ़ी और चावल दिया गया। प्रस्तुत है अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलौलीजार
समय 10:15 बजे
विद्यालय के बरामदे में करीब दर्जन भर बच्चे भोजन करते मिले। बच्चों के आसपास गिरे जूठन को कुत्ता चाट रहा था। प्रधानाध्यापिका साहिबा बेगम ने कैमरा देख कुत्ते को भगाया। मेन्यू के अनुसार कोप्ता चावल की जगह कढ़ी चावल बना मिला।
प्रधानाध्यापिका का कहना है कि नया मेन्यू 15 जुलाई के बाद लागू होना है। अगले बुधवार से मीनू के अनुसार कोप्ता चावल बनेगा और बच्चों को दूध भी दिया जाएगा। विद्यालय में पंजीकृत 129 बच्चों के सापेक्ष 80 बच्चे उपस्थित बताए गए, लेकिन बच्चों की संख्या इससे भी कम थी।
कन्या प्राथमिक विद्यालय कलौलीजार
समय 10 : 20 बजे
विद्यालय में 124 छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां 63 छात्राएं कक्ष और बरामदे में मिड-डे मील खाती मिलीं। यहां मेन्यू के मुताबिक खाना बना मिला, पर जब छात्राओं से दूध के बारे में पूछा तो बताया कि अभी तक दूध नहीं मिला है।
इस पर सहायक अध्यापक गायत्री देवी ने बताया कि दूधिये को सुबह दूध लाने को बोला था। अभी तक वह नहीं आया है। बताया कि दूधिया दूध लेकर आता ही होगा। दूध आते ही छात्राओं को मानक के अनुसार दूध वितरित कराया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालय कलौलीजार
समय 10:25 बजे
बरामदे में सहायक अध्यापक ललिता देवी अपनी देखरेख में बच्चों को भोजन कराती मिलीं। यहां मेन्यू के अनुसार कोप्ता और चावल बना था। पूछने पर छात्रों ने बताया कि दूध नहीं मिला।
इस पर ललिता देवी ने बताया कि कन्या प्राथमिक विद्यालय और उनके विद्यालय को एक ही दूधिया दूध देने वाला है। अभी तक वह नहीं आया है। फोन पर बात हुई है, मवईजार से मंगाया है। देखिए कितनी देर में आता है। आते ही बच्चों में दूध का वितरण कराया जाएगा।
जिले के सभी विद्यालयों में बच्चों को बुधवार को हर हाल में दूध उपलब्ध कराने और कोप्ता चावल बनाकर खिलाने के निर्देश प्रधानाध्यापक को दिए गए हैं।
इसके बावजूद जिन विद्यालयों ने अमल नहीं है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डा. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए।