नए साल के तीसरे दिन भी लोगों को सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हुए। दिन भर रिमझिम फुहारों के पड़ने से शीतलहर का प्रकोप जारी रहा।
बीते एक पखवारे से मौसम के उतार चढ़ाव को लेकर शीतलहर का प्रकोप जिले में जारी है। सुबह शाम ठिठुरन से बचाव के लिए लोग आग का सहारा ले रहे है। दिन से धूप न निकलने पर लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है।
तीसरे दिन लगातार रिमझिम फु हारो का दौर जारी रहा। शीतलहर का असर पशु पक्षियों पर भी हो रहा है। धूप न निकलने से सबसे अधिक परेशानी पशु पक्षियों को हो रही है।
इस ठिठुरन भारी सर्दी में वह धूप निकलने का इंजतार करते रहते है। क्योंकि ठंड से निजात पाने के लिए उनका एकमात्र सहारा धूप है।