तहसील मुख्यालय से 30 किमी दूर इचौली-नायकपुरवा गांव में भीषण पेयजल किल्लत है। करोड़ों खर्च कर पानी दिलाने के प्रयास हुए लेकिन ग्रामीणों को पानी नहीं मिल सका। गांव के लोग प्रशासनिक अधिकारियों की वादखिलाफी से ऊब चुके हैं। गुस्साकर पानी के लिए बीते तीन दिन से पंचायत घर में क्रमिक अनशन चल रहा हैं। अभी तक कोई भी अधिकारी गांव में झांकने तक नहीं पहुंचा है। जिससे नाराज ग्रामीणों ने 21 मई से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो बांदा कानपुर रेल मार्ग और बांदा का सड़क मार्ग भी जाम करेंगे।
इचौली और इससे जुड़े नायकपुरवा गांव सहित क्षेत्र के एक दर्जन ऐसे गांव हैं जहां लोग पानी के लिए मोहताज हैं। नदियों व नालों का पानी पीने के साथ ही दो से तीन किमी दूर जाकर महिलाएं अपने सिरों पर घड़े रखकर पानी ला रही हैं।
साथ ही साइकिलों व ठेलों पर पानी ढोया जा रहा है। चुनाव के दौरान गांव आने वाले बड़े-बड़े नेता लंबे चौड़े वादे कर चुके हैं। अधिकारी भी हर साल पानी मुहैया कराने के वादे करते हैं और गांव आकर समस्याएं भी सुनते रहे।
आदेश व निर्देश तथा पत्रावलियों में पानी बहाया जा रहा है। इचौली और नायकपुरवा गांव को पानी पिलाने के लिए 35 वर्ष पूर्व खंडेह नाम की पेयजल योजना बनी। जिसमें बांदा की केन नदी से पानी की आपूर्ति की जानी थी।
लेकिन यह योजना सफल नहीं हो सकी। इस गांव में भारी भरकम पेयजल टंकी बनी हैं लेकिन कभी भी एक बूंद पानी नहीं चढ़ा है। इस पर गांव को पानी देने के लिए तीन नलकूप जलनिगम ने लगवाए। आधी अधूरी पाइप लाइनें डाली गई।
लेकिन हालत यह है कि पाइप लाइन टूटी हुई हैं। नलकूपों में ताला बंद हैं और इस गांव के वाशिंदे स्टेशन के पास एक किमी दूर या स्वास्थ्य केंद्र में लगे मीठे हैंडपंप से पानी लाते हैं। या फिर दो से तीन किमी दूर अटघार व जंगल में बने कुंए से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों ने पानी को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।
इसके लिए एक संघर्ष समिति बनाई है। समिति ने अपनी बैठक कर इश्तहार निकाला। जिसमें कहा गया कि 16 मई से शुरू होने वाले पानी के इस संघर्ष में हर घर से एक व्यक्ति सम्मिलित होगा। अनशन पंचायत भवन के निकट होगा।
अनशन के शुरू होते ही व्यापार मंडल व पूर्व ग्राम प्रधान रामपाल साहू भी सम्मिलित हो गए। अनशन के तीसरे दिन सोमवार को अनशन स्थल पर भाजपा नेता जगदीश प्रसाद व्यास भी अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे।
क्रमिक अनशन में बैठने वालों में दिनेश शुक्ला, कबीर खान, बाल खान, इकबाल खान, प्रेमचंद्र गुप्ता अध्यक्ष व्यापार मंडल, सौरभ मिश्रा, मातादीन प्रजापति, सुरेश गुप्ता, रामपाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। अनशनकारी प्रशासन व जलनिगम के खिलाफ नारेबाजी कर हौसला बढ़ा रहे हैं।