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महाशिवरात्रि आज, तैयारी पूरी

Tue, 17 Feb 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर।
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महाशिवरात्रि पर जिले के शिव मंदिरों में सजावट का काम पूरा हो गया। मंदिरों को बिजली की झालरों से सजाया गया है। राठ के ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर में भगवान शिव और पार्वती का विवाह मंगलवार को मंदिर परिसर में धूमधाम से होगा। 
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सोमवार को पूरे दिन मंदिरों और शिवालयों की साफ-सफाई, साज-सज्जा और सजावट का काम चलता रहा।  पातालेश्वर मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा होनो से दिन भर भीड़ रहती है। 

संगमेश्वर मंदिर, चंदूपुर गांव के मंतगेश्वर मंदिर, अजौरी के बिहारेश्वर मंदिर, देवगांव में मानेेश्वर मंदिर, चांदपुर में गूढ़ेश्वर मंदिर, सरीला में शल्लेश्वर मंदिर, बेरी में कोटेेश्वर, राठ में चौपरेश्वर मंदिर, शंकरपुर में पातालेश्वर मंदिर, राठ में चौपरेश्वर मंदिर सहित सभी  शिवालयों में महाशिवरात्रि की तैयारी पूरी हो गई।
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मंगलवार को बम-बम भोले का उद्घोष कर शिवभक्त महादेव का रुद्राभिषेक करेंगे। मंडी समिति में गल्ला व्यापार संघ और मनोज एंड कंपनी कानपुर द्वारा महाशिवरात्रि के दिन कार्यक्रम किया जाएगा। जबकि बेरी गांव व पारा गांव में शिव बारात निकाली जाएगी।

बेरी गांव में रात में रामलीला और  पारा गांव में शिव बारात के बाद रात्रि में जागरण होगा। शंकरपुर स्थित पातालेश्वर मंदिर में शिव भक्त   जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करेंगे। श्ंाकरपुर के प्रधान बलराम बाबा ने बताया कि बाहर से कांवर लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए व्यवस्था की गई है।

हमीरपुर मुख्यालय में यमुना पुल से उत्तर दिशा में कुछ ही दूरी पर शिव पार्वती का प्राचीनतम मंदिर यमुना नदी के तट पर है। इस मंदिर के गर्भगृह में अरघे में शिव-पार्वती की मूर्तियां एक साथ विराजमान हैं। इतिहासविदों के अनुसार यह मंदिर गुप्त कालीन वास्तुकला की अनमोल धरोहर है। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के  प्रबंध किए गए है।  

प्राचीन शिवालय शल्लेश्वर मंदिर से निकलने वाली शिवबारात का समापन देर शाम मंदिर पहुंचने पर होगा जबकि रात्रि में मंदिर परिसर में वैवाहिक कार्यक्रम होगा। शिवमंदिर समिति इसकी तैयारी दो माह पहले से शुरू कर दी थी। बारात के स्वागत के लिए 25 स्वागत द्वार बनाए गए है। इस बारात को लेकर सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए है।

ज्योतिषाचार्य पंड़ित दिनेश दुबे ने बताया कि महाशिवरात्रि 17 फरवरी को होगा। इस दिन शिव भक्त भूत भावन भगवान शंकर मां पार्वती की पूजा के संकल्प के साथ 24 घंटे का व्रत रखते है।

शिवरात्रि के दिन प्रात:काल पवित्र नदी अथवा जलाशय में स्नान कर शिवालय में पहुंच जल अथवा दुग्ध से जलाभिषेक करें। तत्पश्चात श्वेत चंदन से मस्तक में त्रिपुंड लगाएं। श्वेत अथवा नीले पुष्प चढ़ाएं। भांग, धतूरे का फल व फूल, विल्व फल, शमी पत्र मूर्ति पर चढ़ाएं।

तत्पश्चात विल्व पत्र में ओम नम:शिवाय लिखकर अगरबत्ती अथवा धूप से पूजन कर गौरी पते नमस्तुभ्यमि हा गच्छ महेश्वर:।

पूर्व दक्षिण योर मध्ये तिष्ट पूजाम ग्रहाणमें का ध्यान करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति मन क्रम वचन से संयमित रहें। मिथ्या भाषण से बचें।

मधुर बोलें, वाणी में संयम रखें, आचरण पवित्र रखें एवं भगवान शिव से निरोगता, सुख संपत्ति, दीर्घायु, जन कल्याण की कामना करें। नम: शिवाय सामवाय हरये परमात्मने प्रणत क्लेश नाशाय योगिनां पतये मन:। भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करते है।
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