भीषण गर्मी में पानी के लिए मारामारी मची है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी
संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं। तमाम प्रयासों के बाद सिर्फ 192
हैंडपंपों का ही रिबोर हो सका। अभी भी जनपद के 739 हैंडपंप रिबोर का इंतजार
कर रहे हैं।
जिले के सातों ब्लाकों में 18500 और शहरी क्षेत्रों में
2090 हैंडपंप लगे हैं। इसके अलावा त्वरित योजना से भी जिले में एक हजार
हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी जनपद के तमाम हैंडपंप खराब हैं।
जलनिगम ने खराब हैंडपंपों के रिबोर के लिए शासन से बजट मांगा, किंतु शासन
ने सिर्फ 350 हैंडपंप के रिबोर के लिए बजट जारी किया। इसमें भी जल निगम ने
सिर्फ 192 हैंडपंपों का ही रिबोर कराया है।
नियमानुसार शासन की ओर से
प्रत्येक ब्लॉक में 50 हैंडपंप के ही रिबोर की स्वीकृति दी जाती है। जनपद
के सातों ब्लाकों में 18516 हैंडपंप लगे हैं। इसमें से कुरारा ब्लॉक के
116, सुमेरपुर में 101, मुस्करा में 82, मौदहा में 103, राठ में 52, सरीला
में 148 व गोहांड ब्लॉक में 128 हैंडपंपों को रिबोर की दरकार है।
शासन
द्वारा भेजे गए धन से कुरारा, मौदहा व सरीला में 20-20, सुमेरपुर में 39,
मुस्करा में 19, राठ में 34, गोहांड में 40 हैंडपंपों का रिबोर कराया गया।
शहरी क्षेत्र में 2090 हैंडपंप लगे हैं।
हमीरपुर में 14, सुमेरपुर नगर में
पांच, कुरारा में 17, मौदहा में 32, राठ में 28, सरीला में 65 व गोहांड नगर
में 40 हैंडपंपों के रिबोर की जरूरत है। अब देखना यह है इन हैंडपंपों का
रिबोर कब होता है।
अधिशाषी अभियंता जलनिगम आरएस मौर्य ने कहा कि 350 हैंडपंपों के रिबोर का बजट
मिला है। इसमें अभी तक 192 हैंडपंप रिबोर हुए हैं। एक हैंडपंप को रिबोर
करने में 41 हजार रुपये खर्च आता है। पेयजल की समस्या हल करने के लिए
त्वरित विकास योजना से भी नए हैंडपंप लग रहे हैं।