मनरेगा में हुए करोड़ों के घोटाले की तह तक जाने के लिए सीबीआई की टीम जुटी है। फिलहाल बीते तीन दिन से सीबीआई के अधिकारी सरीला ब्लाक के बिलगांव में मनरेगा से हुए करीब 60 लाख रुपये से बनाए गए संपर्क के घोटाले का पर्दाफाश करने में जुटी है। शुक्रवार को पूरे दिन विकासखंड कार्यालय में अधिकारी अभिलेखों का अवलोकन करते रहे। वहीं निर्माण कार्य में बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायरों को बुलाकर जांच पड़ताल की गई। इस कार्रवाई से मनरेगा में कार्य करने वाले अधिकारियों, प्रधानों व सचिवों में खासी दहशत देखी जा रही है।
बीते 2007 से 2010 तक मनरेगा से हुए कार्यों में जमकर धांधली की गई। इस योजना में हुए करोड़ों के घोटाले को लेकर सीबीआई की टीम पदार्फाश करने में बीते तीन दिनों से जुटी है। अभी सीबीआई का निशाना सिर्फ सरीला ब्लाक है।
बीते बुधवार को सीबीआई के गौरव सोम के नेतृत्व में एमबी सिंह सहित तीन सदस्यीय टीम ने सरीला ब्लाक के बिलगांव ग्राम के संपर्क मार्ग को देखा था। इस कार्य में विकासखंड कार्यालय ने 40 लाख रुपये से अधिक खर्च किया है।
टीम ने जॉबकार्ड धारक मजदूरों से भी पूछताछ की। वहीं गुरुवार को पूरे दिन टीम के अधिकारी विकास भवन में अभिलेखों का निरीक्षण करते रहे। शुक्रवार को टीम फिर सरीला विकासखंड कार्यालय पहुंची। टीम के पहुंचते ही कार्यालय में सन्नाटा पसर गया।
दोपहर तक अभिलेख चेक करने के बाद टीम ने बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायरों को बुलाकर गहन पूछताछ की। टीम की अभी जांच जारी है। देखा जाए तो अभी अन्य ब्लाकों में हुए मनरेगा के कार्यो ंकी जांच सीबीआई टीम को करनी है। घोटाले की परत खोलने आई सीबीआई को देखते अधिकारियों कर्मचारियों में खासी दहशत देखी जा रही है।