कस्बे के धर्मेश्वरबाबा मोहल्ले में डेंगू से एक
किशोर की मौत होने पर हड़कंप मच गया है। जबकि दो युवकों का कानपुर में इलाज
चल रहा है। डेंगू फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को
मृतक किशोर के घर जाकर जानकारी हासिल की।
कस्बे के धर्मेश्वर बाबा
मोहल्ले में डेंगू की दस्तक दो सप्ताह पहले ही हो चुकी है। यहां के चार
युवक इस बीमारी की चपेट में आ गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक
नहीं लगी।
रविवार को इस मोहल्ले के लक्ष्मीनारायन निषाद का पुत्र सर्वेश
(17) ने तेरह दिन के इलाज के बाद कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में दम तोड़
दिया। डेंगू से मौत होने की जानकारी जैसे ही स्वास्थ्य विभाग को मिली तो
टीम उसके घर जाकर जानकारी हासिल करने पहुंच गई।
टीम ने अन्य घरों में भी
बुखार आने आदि बीमारियों की जानकारी ली। इसी मोहल्ले के रामऔतार के पुत्र
नीरज व रोहित भी कानपुर में भर्ती हैं और उनका भी इलाज चल रहा है। रामरूप
निषाद के पुत्र दीपक (17) भी डेंगू की चपेट में आ गया।
करीब दो हफ्ते इलाज
के बाद वह ठीक हो सका। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बीते वर्ष भी इस
मोहल्ले में डेंगू के कई मरीज मिले थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग व नगर
पंचायत ने सक्रियता दिखाई थी, लेकिन उसके बाद न तो इस मोहल्ले में सफाई की
गई, न डीडीटी व दवाओं का छिड़काव किया गया।
रविवार को डेंगू के मरीज की
मौैत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। धर्मेश्वरबाबा में फैली
डेंगू की बीमारी को लेकर रविवार की शाम मलेरिया विभाग ने सक्रियता दिखाई।
मलेरिया कर्मचारी फागिंग मशीन लेकर आए और धुआं उड़ाते रहे। ताकि डेंगू के
प्रकोप से लोगों को बचाया जा सके । जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने
बताया कि धर्मेश्वरबाबा मोहल्ले क ा सर्वेश, नीरज व उसका भाई रोहित कानपुर
में एक साथ रहकर पढ़ते हैं।
बताया कि दोनों भाइयों को डेंगू होने पर वह लोग
सरकारी अस्पताल में भर्ती हो गए। जबकि सर्वेश छाया नर्सिंग होम में भर्ती
हो गया। बताया कि पांच दिन के इलाज के बाद जब हालत ज्यादा खराब हुई तो उसे
रीजेंसी में भर्ती कराया गया था।