राठ कोतवाली क्षेत्र के धमना गांव में बीते चार वर्ष पूर्व एक व्यक्ति पर जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अन्य तीन आरोपी को साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिए गए।
जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बीते 17 अक्तूबर 2012 को धगवा गांव निवासी चुन्नीलाल का गांव के ही प्रवेश की मां से विवाद हो गया था। इसमें प्रवेश, राम सिंह सहित तीन अज्ञात लोगाें ने चुन्नीलाल पर मां की पिटाई का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दिया।
इसका विरोध करने पर प्रवेश ने तमंचे से चुन्नीलाल पर जान से मारने की नियत से फायर झाेंक दिया। शोर सुनकर मोहल्ले वासियों व परिजनों के घटना स्थल पर पहुंचने पर आरोपी भाग खड़े हुए। घायल को राठ सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
घायल के भतीजे सत्यम सिंह ने प्रवेश, रामसिंह व तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर थाना पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार अभियुक्तों प्रवेश, रामसिंह, नीरज कुमार व राजू उर्फ राजकुमार की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी राम ने प्रवेश को दोषी मानते हुए उसे पांच वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि तीन अभियुक्तों राम सिंह, नीरज कुमार व राजू उर्फ राजकुमार को साक्ष्य अभाव मेें बरी कर दिया।