ससुराल वालाें की प्रताड़ना से तंग युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक की पत्नी ने भी इसी स्थान पर 17 जुलाई को फांसी लगाकर जान दी थी। आरोप है कि कार्रवाई न करने के एवज में ससुर युवक पर एक लाख रुपये और जमीन का बैनामा अपने बेटे के नाम करने का दबाव बना रहा था।
मुख्यालय के रमेड़ी तरौस निवासी महेंद्र यादव (28) पुत्र रामपाल निजी ट्रैक्टर से खेती किसान करने के साथ भाड़े का काम करता था। 17 जुलाई की दोपहर महेंद्र का पत्नी राधा से खाना बनाने को लेकर मामूली विवाद हुआ था। शाम को दोनों लोग केसरिया डेरा स्थित जानवर वाले मकान पर गए। वहां महेंद्र जानवरों को नहला धुलाने लगा। इसी बीच राधा भूसा लेने की बात कह कमरे में चली गई। काफी देर तक जब नहीं आई तो महेंद्र उसे देखने अंदर गया। वहां राधा फंदे पर लटकी थी। पोस्टमार्टम के बाद अगले दिन मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया था।
उधर पत्नी की मौत का गम महेंद्र भुला नहीं पा रहा था कि राधा के मायके वालों ने उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। महेंद्र के भाई शिवनाथ ने बताया कि ससुराली मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। बताया कि दोनों पक्षों की पंचायत हुई। इसमें तय हुआ कि राधा के 13 माह के पुत्र अंशू के नाम एक लाख रुपये और खेती की कुछ जमीन कर दे तो मायके वाले कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे। बताया कि अभी चार दिन हुए थे कि शनिवार की सुबह मृतका राधा का पिता मवई निवासी रामऔतार अपने साले बांकी सुमेरपुर के इंद्रेश को लेकर आया और महेंद्र पर एक लाख रुपये और जमीन का बैनामा अपने पुत्र ओमबाबू के नाम करने का दबाव बनाया।
इससे आहत महेंद्र केसरिया डेरा स्थित जानवर वाले मकान पर पहुंचा। यहां फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना गांव के लोगों ने उसके घर दी। इससे घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल प्रवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। बताया कि अभी पीड़ित पक्ष ने तहरीर नहीं दी है।
परिवार में तीसरी आत्महत्या
महेंद्र पांच भाइयों में चौथे नंबर था। बड़ा भाई शिवनाथ, तीसरे नंबर का श्यामबाबू और पांचवां भाई लाला है। दूसरे नंबर के भाई रामबाबू ने कई साल पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मां सुखरानी ने बताया कि सभी लड़के साथ रहते हैं। उसके दो बेटे और एक बहू अब नहीं रही। महेंद्र के शव से लिपटते हुए रो-रोकर कहती रही कि लाला कहे मरगा, जेल में रहते तो जिंदा तो रहता। मां ने बताया कि महेंद्र के ससुर ने उसके बेटे को धमकाया था।