बिजली विभाग की उदासीनता किसानों पर भारी पड़ रही है।
पिछले दिनों आए आंधी तूफान से टूटे खंभों और तारों को अभी तक दुरुस्त नहीं
कराया जा सका है। इस कारण बड़ी संख्या में नलकूप ठप पड़े हैं। सिंचाई न हो
पाने से किसानों की जायद की फसलें सूख रही हैं।
19 मई को जनपद में
भयंकर आंधी तूफान आया था। इससे सैकड़ों पोल टूट गए थे, तार छिन्न-भिन्न हो
गए। साथ ही अन्य उपकरण भी ध्वस्त हो गए थे। इससे बिजली विभाग को करीब 50
लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
शहरी इलाके में तो बिजली के खंभों को
ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई, किंतु ग्रामीण इलाकों की ओर बिजली
विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
खंभे
और तार टूट जाने से निजी नलकूपों के साथ-साथ सरकारी नलकूप ठप पड़ गए हैं।
सिंचाई न हो पाने से किसानों की जायद की फसलें सूख रही हैं। किसान कई बार
अफसरों से गुहार लगा चुके हैं, किंतु किसी ने इनकी समस्या पर ध्यान नहीं
दिया।
सिंचाई न होने से कुम्हऊपुर गांव में सब्जियों की बारियां
सूख रही हैं। इसके अलावा मजरा भटपुरवा की आपूर्ति भी ठप पड़ी है। साथ ही कई
अन्य गांवों के किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं।