लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से लोग अभी भी दहशत में है। जरा सी खटपट होने पर लोग घरों से निकलकर बाहर भागने लगते हैै। वहीं मकानों में आई दरारों से भी लोगों में खौफ है।
पहड़ी गढ़ी निवासी टेकचंद्र ने बताया कि उसने लकड़ी भूसा आदि से बस स्टाप के पास दीवार बनाकर टीनशेड का निर्माण कराया। रविवार को आए भूकंप के कारण उसकी दीवार गिर गई। मुख्यालय निवासी रविकांत पुरवार ने बताया कि कुछेछा के पास भारत गैस ऐजेंसी का गोदाम है। भूकंप के कारण गोदाम की चारों तरफ से दीवार में दरारें आ गई है।
बताया कि पूर्व में आई बाढ़ का पानी भी तीन दिन तक यहां भरा रहा पर तब गोदाम की दीवारों कुछ नही हुआ। मुख्यालय के रमेड़ी तिराहा निवासी सियाराम ने बताया कि उसके कच्चे मकान के मुख्य दरवाजे पर गुलमोहर का पेड़ लगा है। बीती रात पेड़ की एक डाल टूट कर खपरैल में गिर गई। भूकंप के झटके से कहीं पेड़ न गिर जाए इसके चलते सोमवार को सियाराम ने पड़ोसियों की मदद से पेड़ गिरा दिया।
वहीं पुराना बेतवा घाट निवासी राजाबाबू सोनकर ने बताया कि भूकंप के कारण उसके पक्के मकान की दीवार में दरार आ गई है। इसी प्रकार अमन शहीद मोहल्ला निवासी हाजी सुबराती ने बताया कि उसके मकान मेें ईंटों की छत पड़ी है। भूकंप के कारण उसकी छत व बीम में दरार आ गई है। वही बीती रात भी भूकंप के आने की अफवाह उड़ी जिससे लोग एक बार फिर दहशत में आ गए है।