मुख्यालय के निकट मेरापुर गांव में हाईकोर्ट के आदेश
पर राजस्व विभाग ने अवैध रूप से ग्राम समाज की जमीन पर बना मकान गिरा दिया।
इस कार्रवाई से राजस्व विभाग को ग्रामीणों को विरोध का सामना करना पड़ा।
लेकिन पुलिस बल ने भीड़ को डंडा दिखाकर खदेड़ दिया।
मेरापुर गांव
में सड़क किनारे विक्रम निषाद मकान बनाकर रहता था। इस जमीन को ग्रामसमाज की
बता कोर्ट में 115 सी के तहत मुकदमा कायम किया गया। इसके बाद मामला उच्च
न्यायालय तक पहुंच गया।
हाईकोर्ट ने इस जमीन को खाली कराने का आदेश
पारित किया। इस पर 20 अगस्त को तहसीलदार सालिकराम पुलिस फोर्स और जेसीबी
लेकर मकान ढहाने पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों के कड़े विरोध के बीच उन्हें वापस
लौटना पड़ा।
इधर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने को लेकर परेशान राजस्व विभाग ने शनिवार को फिर से कार्रवाई शुरू की।
तहसीलदार
पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। विक्रम ने बताया कि जिस जमीन पर उसका मकान
बना है वह उसके बाबा चतुर सिंह के नाम था, जो काफी समय से लापता है।
इस
घर में रहते हुए करीब 20 साल गुजर चुके हैं। कहा कि उसका मकान जिला पंचायत
की जमीन पर बना है लेकिन इस ग्राम सभा की जमीन बता कर बेघर किया जा रहा
है।
फिलहाल दो दिन पूर्व ग्रामीणों का विरोध झेल चुके तहसीलदार
सालिकराम पूरी तैयारी के साथ मकान गिराने पहुंचे। भारी पुलिस बल के बीच
जेसीबी ने मकान को ढहा दिया।
ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच महिलाओं
ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पुलिस
रहने से ग्रामीणों के विरोधी स्वर धीमे पड़ गए।
तहसीलदार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ है।