होली को लेकर शहर में पिचकारी और रंग गुलाल की दुकानें सज गईं हैं। बच्चों
को कार्टून वाली पिचकारियां खूब भा रही हैं। छोटा भीम, डोरेमान और क्रिश
ब्रांड की पिचकारी बच्चे खरीद रहे हैं।
चाइनीज पिचकारियां लोकल
ब्रांड पर भारी पड़ रही हैं। महंगाई का असर रंगों और पिचकारी पर भी दिख रहा
है। बावजूद इसके बच्चे अभिभावकों के साथ रंग गुलाल और पिचकारियां खरीदने
को बाजार का रुख कर रहे हैं। त्योहार पर रेडीमेड पापड़, चिप्स और अन्य
सामानों की भी डिमांड है।
होली के त्योहार को लेकर महिलाएं पकवान
तैयार करने में जुटी हैं। हालांकि कई दिन पहले से ही पापड़, चिप्स आदि
बनाने का कार्य शुरू कर देती थी। फरवरी के तहत तक में पड़ी भीषण ठंड और
बारिश के चलते महिलाएं पापड़, चिप्स नहीं बना पाईं। अब लोग होली के लिए
बाजारों में रेडीमेड पापड़ और चिप्स खरीद रहे हैं।
बाजार में
किस्म-किस्म के पापड़ सजे है। फैं सी जनरल स्टोर के प्रोपराइटर बब्बू
गुप्ता बताते हैं कि 200 ग्राम के पैकिंग में चावल, रवा, मैदा, बेसन आदि के
चिप्स और पापड़ हैं, जो 20 रुपये से लेकर 60 रुपये तक में बेंचे जा रहे
हैं। त्योहार के चलते साप्ताहिक बाजार में खरीददारों की खासी भीड़ रही।
बीच-बीच में बारिश होने से खलल पड़ा।
उधर, होली को लेकर रंग-बिरंगी
पिचकारियाें और रंगों की भी दुकानें सज गई है। किंग रोड स्थित दुकानदार
रामजी बताते हैं कि 20 रुपये से लेकर साढ़े तीन सौ रुपये तक की चाइनीज
प्रेशर गन की बिक्री ज्यादा हो रही है। छोटा भीम, डोरेमान और क्रिश ब्रांड
की पिचकारी बच्चों को खूब भा रही है।
20 रुपये में बाबाजी का
ठुल्लू नाम की पिचकारी भी बाजार में धूम मचाए है। बताया कि इस बार लोग
रासायनिक रंगों से परहेज कर रहे हैं। स्प्रे और हर्बल गुलाल की ज्यादा
खरीददारी कर रहे है। 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के स्प्रे कलर की
बिक्री की जा रही है।
हर्बल गुलाल 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब
से बिक रहा है। इसके अलावा आकर्षक टोपियां, टेटू, नकाब, मुखौटे आदि की भी
बिक्री हो रही है।