आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर श्रद्धा और आस्था का प्रतीक मां श्यामला देवी
मंदिर में मेले की धूम रही। आस्थावानों ने मंदिर पहुंच पूजा अर्चना कर
प्रसाद चढ़ाया और नारियल फोड़कर मन्नतें मांगी। मेले में ग्रामीणों ने
पहुुंचकर खरीददारी की।
कस्बे से सात किमी दूर हमीरपुर रोड़ पर सरसई
मौजा स्थित मां श्यामला देवी मंदिर में गुरू पूर्णिमा को लगने वाले मेले
में भक्तों का सारा दिन तांता लगा रहा। सुबह से ही देवी मंदिर में
आस्थावानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
जो देर रात तक जारी रहा।
भीड़ के कारण लोगों को मंदिर के अंदर पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी
पड़ी। मां दुर्गा के नौ रूपों में से एक मां श्यामला देवी का यह सदियों
पुराना मंदिर पूरे बुंदेलखंड में देवी की सिद्धि के लिए माना जाता है।
ग्रामीण बुजुर्ग बताते हैं कि आज ही के दिन विभिन्न बिरादरी के शादी संबंध व
निपटारे होते हैं। मंदिर समिति की ओर से लोगों के लिए पेयजल के पुख्ता
इंतजाम किए गए थे।
मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजने से ग्रामीण
क्षेत्र की महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। बच्चों ने झूलों में झूल खूब आनंद
लिया। वहीं पुलिस व्यवस्था भी चाक चौबंद रही। सारा दिन पुलिस मार्ग पर
गश्त करती रही।