भरुआसुमेरपुर कसबे के वार्ड नंबर 13 ऊंछाथोक स्थित एक प्राचीन देवी मंदिर
में खून के छींटे व ध्वज में खून से सने पंजे का निशान मिलने पर लोगों में
सनसनी फैल गई। मोहल्ले वासियों का मानना है कि किसी तांत्रिक ने रात में
बलि देने के बाद मंदिर में खून चढ़ाया है। उधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने
मंदिर परिसर व अन्य स्थानों पर मिले खून के छींटो की फारेंसिक जांच के लिए
नमूने एकत्र किए।
कसबे के ऊंछाथोक में आमादेवी का प्राचीन मंदिर देखरेख
के अभाव में ढहने की कगार पर है। पीपल के पेड़ के नीचे एक हिस्से में इस
प्राचीन मंदिर के अवशेष बचे हैं। लेकिन मोहल्लेवालों का मानना है कि इस
मंदिर में जो भी मनौतियां मांगी जाती हैं, वह पूरी होती हैं। बुधवार सुबह
मंदिर परिसर में जगह-जगह खून के छींटे मिले।
जबकि खून से सनी हथेली का
निशान मंदिर के ध्वज में मिला। किसी ने बांस के पत्तों में खून को पाेंछा।
साथ ही कुछ ही दूर मनोज सिंह के मकान में खून से सने हाथ पोंछने के निशान
मिले। जैसे ही यह खबर सुबह मोहल्ले के लोगों को लगी तो भीड़ एकत्र हो गई।
लोगों का अनुमान है कि इस प्राचीन मंदिर में मनोकामना पूर्ण करने के लिए
किसी नर या पशु की बलि दी गई है। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार
यादव, एसआई चंद्रशेखर, पंकज सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और खून के छींटो को
एकत्र कर फारेंसिक जांच के लिए भेजा। पुलिस का मानना है कि किसी तांत्रिक
ने पशु बलि चढ़ाई होगी। फिर भी फारेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगा कि मंदिर
में नर बलि दी गई है या पशु बलि।