जिलाधिकारी संध्या तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित
जिला स्तरीय तहसील दिवस में जर्जर हाईटेंशन लाइनों का मुद्दा छाया रहा।
भाकियू ने बौखर में हाइटेंशन की चपेट में आकर मरी किशोरी के परिजनों को
मुआवजा दिलाने की मांग की। इस मौके पर 198 शिकायतों में 20 का मौके पर
निस्तारण हुआ।
मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील
दिवस में ममना गांव के बालेंद्र, रघुराज समेत आधा सैकड़ा से अधिक किसानों
ने डीएम को बताया कि अब तक उन्हें आपदा राहत का चेक नहीं मिला।
भाकियू के
अतुल तिवारी के नेतृत्व में चार दर्जन से अधिक किसानों ने विद्युत विभाग
विरोधी नारे लगा क्षेत्र की जर्जर हाइटेंशन लाइनों को बदलने की मांग की।
सोमवार को बौखर गांव में एचटी लाइन की चपेट में आकर मरी किशोरी के परिजनों
ने मुआवजा दिलाने की मांग की। डीएम ने अधिशाषी अभियंता को समस्या निराकरण
के निर्देश दिए।
पवई गांव के पूरन, ध्रूराम, अरुण ने नए राशन कार्डो में
गडबडी होने की शिकायत की। छिबौली गांव की मानकुंवर ने राठ के ममना
पावरस्टेशन की 33 केवीए लाइन की मजदूरी दिलाने की मांग की।
कस्बे के महेश
गोसाई व नाथूराम अहिरवार ने बताया कि जीआईसी, समर सिंह शिशु मंदिर समेत
आबादी के दो दर्जन से अधिक मकानों के ऊपर से हाइटेंशन लाइन निकली है।
इन्हें हटवाया जाए।
इस दौरान एसपी वीके सिंह, सीडीओ अवधेशबहादुर सिंह,
एसडीएम रामयश गौतम, सीओ राजेश पांडेय आदि मौजूद रहे।