गोहांड कसबे की सहकारी समिति में यूरिया खाद आने के बावजूद वितरण न करने पर
आक्रोशित किसानों ने राठ उरई मार्ग तिराहे पर जाम लगा दिया। वहीं किसानों
की भीड़ देख समिति के सचिव को हार्ड अटैक पड़ गया। फिर एसडीएम सरीला आरएस
वर्मा व सीओ राजेश पांडेय ने अपनी मौजूदगी में खाद वितरित कराई।
सहकारी समिति में रविवार की शाम दो
ट्रक यूरिया खाद उतारी गई। इसकी भनक लगते ही कड़ाके की ठंड के बावजूद
सोमवार सुबह 6 बजे से समिति में किसानों का आना शुरू हो गया।
देखते ही
देखते समिति से जुड़े 27 गांवों के करीब एक हजार से अधिक किसान एकत्र हो
गए। भीड़ को देखकर समिति के कर्मचारियों के हाथ पांव छूट गए। इसी बीच समिति
के सचिव बिरंचीलाल को हार्ट अटैक पड़ गया।
दोपहर 12 बजे तक ताला न खोलने
पर नाराज किसानों ने राठ उरई मार्ग जाम कर दिया।
उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इस पर एसडीएम सरीला आरएस वर्मा व सीओ
राजेश पांडेय ने मौके पर आकर किसानों से बात की।
सपा विधानसभा अध्यक्ष
डालचंद्र राजपूत पतखुरी ने भी किसानों को समझाया। तब कहीं जाकर बड़ी मशक्कत
के बाद प्रत्येक समिति खाताधारक किसानों को दो बोरी खाद देने पर सहमति बनी
और करीब 2:30 बजे से पुलिस की मौजूदगी में खाद वितरित की गई।
सहकारिता
विभाग के एआर रविंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि किसानों को खाद मुहैया कराने
के प्रयास किए जा रहे है। कहा कि समिति में भारी भीड़ होने से सचिव को
हार्ट अटैक पड़ गया।
मौदहा कसबे की किसान सेवा सहकारी समिति
में आई एक हजार बोरी यूरिया खाद सोमवार को सुबह खातेदारों को वितरित कर दी
गई। सायर बिगहना, रीवन, सिसोलर आदि समितियों में यूरिया खाद की आपूर्ति नही
की गई।
सरीला प्रतिनिधि के अनुसार खाद के लिए किसानों में हायतौबा मची
है। समितियों में खाद की कम आपूर्ति से खातेदार किसानों को भी पर्याप्त
खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं नकद खाद लेने वालों को मायूसी हाथ लग रही है।