सरीला क्षेत्र के खेड़ाशिलाजीत गांव में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने की
मांग को लेकर ग्रामीणों ने पावर स्टेशन के सामने राठ-चंडौत मार्ग पर जाम
लगा सबस्टेशन के सभी फीडरों की आपूर्ति ठप कर दी। बाद में विभागीय
अधिकारियों के समझाने पर माने और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें दो दिन
बाद ट्रांसफार्मर न बदलने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। दो घंटे तक
चले जाम में दर्जनों वाहन फंसे रहे।
बार-बार शिकायत के बाद भी
ट्रांसफार्मर न बदले जाने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति जमकर आक्रोश है।
शनिवार को आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने पावर स्टेशन में धावा बोलकर
सभी फीडरों की आपूर्ति ठप करा दी और पावर स्टेशन के सामने राठ-चंडौत मार्ग
पर जाम लगा दिया।
दो घंटे बाद फोन पर विभागीय अधिकारियों के वार्ता के बाद
जाम खोल भी दिया गया। विभागीय अधिकारियों के झूठे आश्वासन से परेशान
ग्रामीणों ने बाद में सारी बात एसडीएम रामयश गौतम को बताते हुए उन्हें
ज्ञापन सौंपा। जिसमें दो दिन में बिजली आपूर्ति बहाल न करने पर धरना
प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
दो घंटे तक चले जाम में राठ चंडौत मार्ग पर
आवागमन पूरी तरह ठप रहा। उधर जेई पुनीत शर्मा ने बताया कि स्टोर में 100
केवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों को एसडीओ राठ से सारी बात
बताकर समझा दिया है।
स्टोर में ट्रांसफार्मर आते ही इसे बदल दिया जाएगा। ज्ञात
हो कि खेड़ाशिलाजीत गांव को 100 केवीए तथा एक 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से
विद्युत की आपूर्ति की जाती है।
27 अप्रैल को गांव किनारे लगे 100 केवीए
के लगे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग जाने से फुंक गया था तथा पास में रखे
मिक्सर मशीन व एक मैजिक में भी आग लग गई थी। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह
आग पर काबू पाया था। तबसे फुंके ट्रांसफार्मर को नहीं बदला गया है। जिससे
गांव में अंधेरा फैला है।