रमेड़ी डांडा मौरंग खदान में पड़ा सन्नाटा
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शनिवार को अवैध मौरंग खदान पर छापे के बाद रविवार को मौके पर सन्नाटा दिखाई दिया। जहां एक दिन पहले ट्रकों की आवाजाही रात व दिन रहती थी, आज वहां पर उनकी संख्या न के बराबर रही। कार्रवाई में थाने में बैठाए गए 27 मजदूरों में से 24 को पुलिस ने सरकारी गवाह बनाकर निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। अभी पुलिस की हिरासत में चार ट्रक चालक व एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड कोतवाली में ही है।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बीते शनिवार को रमेड़ी डांडा मौरंग खदान में छापामारी की थी। यहां प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनें, जेसीबी, ट्रक आदि बरामद कर 27 लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद अन्य अधिकारियों की टीमों ने बेरी, कलौलीतीर, सहजना, बरदहा आदि खदानों का पर भी छापा मारा। कोतवाली में रमेड़ी डांडा खदान व बरदहा के पट्टाधारकों के खिलाफ अवैध खनन कर मौरंग चोरी करने की धाराओं में अलग-अलग तीन मुकदमें दर्ज किए गए।
खनन अधिकारी जेपी द्विवेदी ने बताया कि पिछले दो नवंबर को 384 ट्रक, तीन को 124 व चार नवंबर को 163 ट्रकों पर मौरंग की लोडिंग हुई है। रविवार को भेड़ी खरका खंड संख्या 23-8, रिरुवा-बसरिया खंड संख्या 22-10 में 70 व टीकापुर खंड संख्या 19-3 से तीन ट्रक लोड हुए है। जबकि रमेड़ी डांडा समेत अन्य खदानों में एक भी ट्रक मौरंग लेने नहीं पहुंचे।
इन खदानों का हाल बंदी जैसा रहा। शनिवार को हुई कार्रवाई में पकड़े गए लोगों की रिहाई के लिए रविवार को उनके परिजन जिलाधिकारी से मिले और उन्हें छोड़ने की मांग की। कोतवाल शैलकुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए 27 लोगों में से 24 मजदूरों को दर्ज मुकदमे में गवाह बनाकर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया है। चार ट्रक चालक व एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड उनकी हिरासत में है। जिनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद अगर दोषी पाए गए तो जेल भेजा जाएगा।